Bangladesh Protests: बांग्लादेश में हिंदू युवक की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या! मारने के बाद पेड़ से बांधकर जलाया शव, खौफनाक वीडियो वायरल

Bangladesh Protests: बांग्लादेश में एक हिंदू मजदूर दीपू चंद्र दास को गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या दी। मारने के बाद उसको नग्न करके फांसी पर टांग दिया गया। फिर उसकी लाश को पेड़ पर बांधकर उसमें आग लगा दी गई। उस पर धर्म का अपमान करने का आरोप था। हत्या के वक्त प्रदर्शनकारी 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे लगा रहे थे

अपडेटेड Dec 19, 2025 पर 12:56 PM
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Bangladesh Protests: हिंदू युवक की हत्या के वक्त प्रदर्शनकारी 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे लगा रहे थे

Bangladesh Protests: बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच कट्टरपंथ का एक खौफनाक मामला सामने आया है। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। दास को मारने के बाद कट्टरपंथी भीड़ ने उनके शव को एक पेड़ से लटका दिया और फिर उसमें आग लगा दी। युवक पर धर्म का अपमान करने का आरोप था। हत्या के वक्त प्रदर्शनकारी 'अल्लाह-हू-अकबर' के नारे लगा रहे थे।

BBC बांग्ला की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में हिंदू व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला गया। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है। वह भालुका उपज़िला के दुबालिया पारा इलाके में किराए पर रहने वाला एक युवा गारमेंट फैक्ट्री मजदूर था। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों के एक समूह ने उस पर पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। इसके बाद रात करीब 9 बजे उस पर हमला कर दिया।

बांग्लादेश में पिछले साल जुलाई में हुए विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुई। इससे देशभर में तनाव व्याप्त हो गया। हालांकि शुक्रवार सुबह किसी हिंसक घटना की जानकारी नहीं मिली। लेकिन गुरुवार रात को जैसे ही मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इंकलाब मंच के नेता हादी की मौत की पुष्टि की, देश के विभिन्न भागों में हमले और तोड़फोड़ हुई।


इससे पहले इंकलाब मंच ने हादी की मौत की घोषणा की थी। उनका शव शाम तक घर लाया जाएगा। हादी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में एक उम्मीदवार थे। छह दिन तक जिंदगी-मौत के बीच जंग लड़ने के बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिछले सप्ताह उन्होंने मध्य ढाका के विजयनगर इलाके में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। तब एक नकाबपोश बंदूकधारी ने उनके सिर में गोली मार दी थी।

गुरुवार रात को प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। मीडिया के दफ्तरों पर हमला कर दिया। इसके अलावा उन्होंने बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के आवास '32 धानमंडी' पर भी तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास पर रात 1:30 बजे पथराव भी किया। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ।

पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले 'स्टूडेंट अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन' नामक संगठन के राजनीतिक संगठन नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने ढाका यूनिवर्सिटी के कैंपस में हुए मातमी जुलूस में हिस्सा लिया।

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समूह के समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि हादी पर हमला करने वाला व्यक्ति वारदात को अंजाम देकर भारत भाग गया। हादी के समर्थकों ने अंतरिम सरकार से हमलावर को वापस लाए जाने तक भारतीय उच्चायोग बंद करने की मांग की। पड़ोसी देश के अन्य हिस्सों से भी हिंसा की खबरें हैं।

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