Neal Katyal: जानिए भारतवंशी नील कात्याल के बारे में जिन्होंने यूएस सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप को दी पटखनी

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिका में सिर्फ कांग्रेस को अमेरिकी लोगों पर टैक्स लगाने का अधिकार है और टैरिफ टैक्स के समान है। यह दलील निल कात्याल ने दी थी, जो अमेरिका में एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने के फैसले में उनकी बड़ी भूमिका बताई जा रही है

अपडेटेड Feb 21, 2026 पर 7:24 PM
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कात्याल का जन्म 12 मार्च, 1970 को शिकागों में हुआ था। उनकी मां का नाम प्रतिभा है, जो एक डॉक्टर हैं। उनके पिता सुरेंद्र एक इंजीनियर हैं। दोनों भारतवंशी हैं।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को दूसरे देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल भारत, चीन सहित ज्यादातर देशों पर यह टैरिफ लगाया था। इस टैरिफ के रद्द होने का अमेरिकी शेयर बाजार पर पॉजिटिव असर पड़ा। सोमवार यानी 23 फरवरी को भारत सहित एशियाई बाजारों पर भी इसका पॉजिटिव असर दिख सकता है। लेकिन, बहुत कम लोगों को पता है कि एक भारतवंशी वकील की यूएस सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले में बड़ी भूमिका है।

सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ पेश की दलील

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अमेरिका में सिर्फ कांग्रेस को अमेरिकी लोगों पर टैक्स लगाने का अधिकार है और टैरिफ टैक्स के समान है। यह दलील निल कात्याल ने दी थी, जो अमेरिका में एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने के फैसले में उनकी बड़ी भूमिका बताई जा रही है। अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को अपने फैसले में कहा कि ट्रंप का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का फैसला अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन था।


ट्रंप के टैरिफ के फैसले को अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन बताया

कात्याल ने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के लिए ट्रंप के 1977 के इंटरनेशनल इमर्जेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट में दलील पेश की थी। उन्होंने कहा था कि इस एक्ट के तहत अमेरिका के साथ व्यापर करने वाले करीब हर देश पर ट्रंप का टैरिफ लगाने का फैसला असंवैधानिक और गैरकानूनी है। आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने मसले पर व्यापक विचार के बाद ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के फैसले को उनके अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन माना।

अमेरिकी कोर्ट के फैसले को अपनी जीत बताई

वॉशिंगटन में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत में कात्याल ने कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सही और अपनी पूर्ण जीत बताया। उन्होंने कहा, "मुझे कोर्ट जाने का मौका मिला। मुझे स्मॉल अमेरिकी कंपनियों का पक्ष रखने का मौका मिला। यह राष्ट्रपति गलत फैसले लेते हैं। मैं अपनी दलील कोर्ट में पेश कर सका। मैंने कई तल्ख सवाल पूछे। आखिर में उन्होंने जो फैसला दिया, उससे हमारी जीत हुई।"

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कात्याल के माता-पिता दोनों भारतवंशी 

कात्याल का जन्म 12 मार्च, 1970 को शिकागों में हुआ था। उनकी मां का नाम प्रतिभा है, जो एक डॉक्टर हैं। उनके पिता सुरेंद्र एक इंजीनियर हैं। दोनों भारतवंशी हैं। कात्याल ने डार्टमाउथ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। फिर उन्होंने कानून की पढ़ाई येल लॉ स्कूल से की। उनकी बहन सोनिया कात्याल यूनिवर्सिटी ऑफ कैलफोर्निया के बर्कले स्कूल ऑफ लॉ में कानून की प्रोफेसर हैं। कात्याल को 2010 में राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में एक्टिंग सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था।

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