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Nepal Election 2026: क्यों अहम है नेपाल का आम चुनाव? 5 मार्च को डाले जाएंगे वोट, मतदान से पहले Gen Z पर नजर, जानें- बड़ी बातें

Nepal Election 2026: भारत के सबसे अहम पड़ोसी देश नेपाल में गुरुवार, 5 मार्च को एक अहम आम चुनाव होगा। यह चुनाव युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के कुछ महीने बाद हो रहा है, जिनकी वजह से प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। फिर संसद को भंग करनी पड़ी थी। कल होने वाले मतदान में युवा देश के दिग्गज नेताओं का सामना करेंगे

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 04, 2026 पर 11:17 PM
Nepal Election 2026: क्यों अहम है नेपाल का आम चुनाव? 5 मार्च को डाले जाएंगे वोट, मतदान से पहले Gen Z पर नजर, जानें- बड़ी बातें
Nepal Election 2026: नेपाल के आम चुनाव में इस बार युवा उम्मीदवार दिग्गज नेताओं से मुकाबला करेंगे

Nepal Election 2026: नेपाल में पिछले साल हुए 'जेन जेड' प्रदर्शन के बाद गुरुवार (5 मार्च) को भारत के पड़ोसी देश में अहम आम चुनाव कराया जाएगा। पिछले साल हिंसक जेन जेड (Gen-Z Protests) प्रदर्शन के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि 'जेन जेड' प्रदर्शन के बाद पहली बार हो रहे आम चुनाव में देश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र मतदाता 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।

अधिकारी ने बताया कि प्रतिनिधि सभा के लिए 6,500 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान गुरुवार को सुबह सात बजे शुरू होगा। जबकि वोटिंग प्रक्रिया शाम पांच बजे समाप्त होगा। मतपेटियों को एकत्रित करने के तुरंत बाद मतगणना शुरू हो जाएगी। चुनाव की पूर्व संध्या पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एक्टिंग चीफ इलेक्शन कमिश्नर राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि मतदान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

उन्होंने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नेपाल सेना के समन्वय से एक इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी प्लान के तहत सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है। भंडारी ने विश्वास व्यक्त किया कि मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव आयुक्त ने चुनाव को सफलतापूर्वक समाप्त कराने के लिए सभी पक्षों से सहयोग भी मांगा। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में मतपेटियों को जिला मुख्यालयों तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। यह चुनाव 2025 में सिविल वॉर खत्म होने और एंटी-करप्शन प्रोटेस्ट की वजह से सरकार गिरने के छह महीने बाद होने जा रहा है।

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