Nepal Flood Update: नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, बुधवार (26 अगस्त) को नेपाल के रसुवा इलाके में अचानक आई भयानक बाढ़ के बाद 291 विदेशी नागरिक लापता हो गए हैं। इनमें कम से कम 105 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में अमेरिका के तीन, मलेशिया के 17, ब्रिटेन के 12, दक्षिण अफ्रीका के चार, ऑस्ट्रेलिया का एक और नीदरलैंड का एक नागरिक शामिल है। जबकि 103 अन्य लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
तिब्बत की सीमा से लगे मध्य नेपाल के दो जिलों में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ से 8 लोगों की मौत हो गई है। जबकि नदी के किनारे बसे इलाकों में भारी तबाही हुई। कम से कम एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत की ओर से सुबह करीब 9 बजे (स्थानीय समय) भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से सटे रसुवा और धाडिंग जिले तथा काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला प्रभावित हुए।
शी जिनपिंग ने बचाव अभियान शुरू करने का आदेश दिया
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत में चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र के गांवों में भूस्खलन के बाद लापता लोगों की तलाश और उन्हें बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आदेश दिया है। भूस्खलन में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार, इस इमरजेंसी स्थिति से निपटने के अभियान में मदद के लिए पीपुल्स आर्म्ड पुलिस के शिगात्से दस्ते के 145 अधिकारियों और जवानों को भूस्खलन प्रभावित सीमावर्ती इलाके में स्थित बंदरगाह भेजा गया है।
चीन का तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र नेपाल के साथ करीब 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, बुधवार को जिरोंग बंदरगाह के पास भूस्खलन हुआ। ड्रोन से बनाए गए वीडियो में बंदरगाह की कुछ इमारतें मलबे में दबी दिखाई दीं। 'ग्लोबल टाइम्स' ने बताया कि स्थानीय प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्र में कर्मियों को भेज रहा है।
खबरों के अनुसार, उत्तरी नेपाल में जिरोंग-रसुवा सीमा क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई बाढ़ के बाद नेपाल स्थित चीनी दूतावास ने इमरजेंसी टीमों को एक्टिव कर दिया। दूतावास ने प्रभावित क्षेत्र में चीनी नागरिकों और कंपनियों की स्थिति का जायजा लिया तथा नेपाल सरकार एवं संबंधित एजेंसियों से बचाव अभियान चलाने का आग्रह किया। खबरों में बताया गया कि दूतावास ने नेपाल में रह रहे चीन के नागरिकों और संस्थानों के लिए नया एडवाइजरी भी जारी किया है।
दोनों बस्तियों में भारी तबाही
नेपाल की सेना ने एक बयान में बताया कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुवा जिले के तिमुरे और समीपवर्ती स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी नुकसान हुआ। गाड़ियां सामान और अन्य संपत्ति बह गई। रसुवा जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में स्थित है। यह जिला तिब्बत सीमा से करीब 125 किलोमीटर दूर है। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का लेवल असामान्य रूप से अधिक था। दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO Nepal) ने बताया कि भीषण बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत अभियान तेज करने के लिए रसुवा एवं आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है।
PMO के अनुसार, बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जा रही है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चलाने के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं।