नेपाल की नई सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक बड़ा और अनोखा कदम उठाया है। अब सरकारी कर्मचारियों को महीने के अंत तक अपनी तनख्वाह का इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि उन्हें हर 15 दिन में ही सैलरी दी जाएगा। यह फैसला नेपाल के वित्त मंत्रालय ने लिया है। इसके तहत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था को लागू किया जा सके।
नेपाल के वित्त मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपने कर्मचारियों के लिए 'पखवाड़ा वेतन प्रणाली' (Fortnightly Salary System) लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों का मासिक वेतन दो हिस्सों में बांटकर हर 15 दिन में उनके खातों में जमा किया जाएगा।
नेपाल की नई सरकार के कई बड़े बदलाव
नेपाल में हाल ही में हुए चुनावों (5 मार्च 2026) के बाद नई सरकार ने सत्ता संभाली है। इस नई सरकार का मुख्य फोकस 'आर्थिक स्थिरता' पर है। वेतन सुधार के अलावा सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं।
बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल में नई सरकार बनने के बाद बड़े बदलावों की शुरुआत हो गई है। अप्रैल 2026 तक सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका मकसद सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और आम लोगों के करीब बनाना है।
सबसे पहले सरकार ने “VIP कल्चर” पर चोट की है। यानी अब नेताओं और अफसरों के लिए खास सुविधाओं और अलग व्यवहार को कम करने की कोशिश हो रही है, ताकि आम जनता और सिस्टम के बीच की दूरी घटे।
अब नेताओं और बड़े अधिकारियों के लिए सड़कें रोकना, लंबा काफिला निकालना या खास सुविधाएं लेना आसान नहीं होगा। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था सबके लिए बराबर है- चाहे आम आदमी हो या बड़ा अफसर।
सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नियम
सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना होगा। इसका मकसद साफ है- जब अफसरों के अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे, तो शिक्षा व्यवस्था खुद-ब-खुद बेहतर होगी।
इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों के लिए राजनीति में दखल देने पर रोक लगाने की बात कही गई है, ताकि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करे।
एक और बड़ा फैसला यह है कि सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और प्रोफेसर अब किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं रह सकते। यानी उन्हें पूरी तरह निष्पक्ष रहकर काम करना होगा, ताकि फैसले बिना किसी राजनीतिक दबाव के लिए जा सकें।
इसके अलावा सरकार ने डिजिटल सिस्टम को भी तेजी से बढ़ावा दिया है। सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और काम जल्दी हो।
इन सबके अलावा, सरकार ने एक “100-पॉइंट मॉडर्नाइजेशन प्लान” भी शुरू किया है, जिसमें प्रशासन को आधुनिक बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने पर फोकस है।