नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को अब हर 15 दिन में मिलेगी तनख्वाह, नई सरकार का एक और बड़ा ऐलान

नेपाल के वित्त मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपने कर्मचारियों के लिए 'पखवाड़ा वेतन प्रणाली' (Fortnightly Salary System) लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों का मासिक वेतन दो हिस्सों में बांटकर हर 15 दिन में उनके खातों में जमा किया जाएगा

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 4:54 PM
Story continues below Advertisement
नेपाल में सरकारी कर्मचारियों को हर 15 दिन में मिलेगी तनख्वाह, नई सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए किया ये फैसला

नेपाल की नई सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए एक बड़ा और अनोखा कदम उठाया है। अब सरकारी कर्मचारियों को महीने के अंत तक अपनी तनख्वाह का इंतजार नहीं करना होगा, क्योंकि उन्हें हर 15 दिन में ही सैलरी दी जाएगा। यह फैसला नेपाल के वित्त मंत्रालय ने लिया है। इसके तहत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, ताकि नई व्यवस्था को लागू किया जा सके।

नेपाल के वित्त मंत्रालय ने 17 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपने कर्मचारियों के लिए 'पखवाड़ा वेतन प्रणाली' (Fortnightly Salary System) लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद अब सरकारी कर्मचारियों का मासिक वेतन दो हिस्सों में बांटकर हर 15 दिन में उनके खातों में जमा किया जाएगा।

यह कदम क्यों उठाया गया?

  • बाजार में कैश फ्लो बढ़ाना: सरकार का मानना है कि जब कर्मचारियों के हाथ में जल्दी-जल्दी पैसा आएगा, तो वे उसे बाजार में खर्च करेंगे। इससे बाजार में नकदी (Liquidity) बढ़ेगी और मंदी का असर कम होगा।
  • अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना: नेपाल इस समय सुस्त आर्थिक गतिविधि और रियल एस्टेट में गिरावट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। बार-बार सैलरी मिलने से लोगों की खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए 'बूस्टर डोज' का काम करेगी।
  • वित्तीय सुविधा: कर्मचारियों को अपने दैनिक खर्चों और बिलों के भुगतान के लिए महीने भर इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बेहतर होगी।


नेपाल की नई सरकार के कई बड़े बदलाव

नेपाल में हाल ही में हुए चुनावों (5 मार्च 2026) के बाद नई सरकार ने सत्ता संभाली है। इस नई सरकार का मुख्य फोकस 'आर्थिक स्थिरता' पर है। वेतन सुधार के अलावा सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं।

बालेन शाह के नेतृत्व में नेपाल में नई सरकार बनने के बाद बड़े बदलावों की शुरुआत हो गई है। अप्रैल 2026 तक सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनका मकसद सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और आम लोगों के करीब बनाना है।

VIP कल्चर पर सख्ती

सबसे पहले सरकार ने “VIP कल्चर” पर चोट की है। यानी अब नेताओं और अफसरों के लिए खास सुविधाओं और अलग व्यवहार को कम करने की कोशिश हो रही है, ताकि आम जनता और सिस्टम के बीच की दूरी घटे।

अब नेताओं और बड़े अधिकारियों के लिए सड़कें रोकना, लंबा काफिला निकालना या खास सुविधाएं लेना आसान नहीं होगा। सरकार ने साफ संदेश दिया है कि कानून और व्यवस्था सबके लिए बराबर है- चाहे आम आदमी हो या बड़ा अफसर।

सरकारी कर्मचारियों के लिए नया नियम

सरकार ने यह भी तय किया है कि सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ना होगा। इसका मकसद साफ है- जब अफसरों के अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे, तो शिक्षा व्यवस्था खुद-ब-खुद बेहतर होगी।

इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों के लिए राजनीति में दखल देने पर रोक लगाने की बात कही गई है, ताकि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करे।

राजनीति से दूरी जरूरी

एक और बड़ा फैसला यह है कि सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और प्रोफेसर अब किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं रह सकते। यानी उन्हें पूरी तरह निष्पक्ष रहकर काम करना होगा, ताकि फैसले बिना किसी राजनीतिक दबाव के लिए जा सकें।

इसके अलावा सरकार ने डिजिटल सिस्टम को भी तेजी से बढ़ावा दिया है। सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और काम जल्दी हो।

इन सबके अलावा, सरकार ने एक “100-पॉइंट मॉडर्नाइजेशन प्लान” भी शुरू किया है, जिसमें प्रशासन को आधुनिक बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने पर फोकस है।

डील या डेडलॉक? सीजफायर खत्म होने से पहले अमेरिका-ईरान वार्ता पर सस्पेंस बरकरार; इन 7 पॉइंट्स में समझिए पूरा सिनेरियो

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।