डील या डेडलॉक? सीजफायर खत्म होने से पहले अमेरिका-ईरान वार्ता पर सस्पेंस बरकरार; इन 7 पॉइंट्स में समझिए पूरा सिनेरियो

US-Iran Islamabad Talks:ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे बुधवार शाम के बाद संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने डराने वाले लहजे में कहा कि अगर डील नहीं हुई तो 'ढेर सारे बम फटने शुरू हो जाएंगे' और ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है

अपडेटेड Apr 21, 2026 पर 4:12 PM
Story continues below Advertisement
ट्रंप ने कहा है कि जब तक कोई 'पक्की डील' नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं होगी

US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्षविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। वहीं 'इस्लामाबाद वार्ता' के दूसरे दौर को लेकर अभी भी भारी अनिश्चितता बनी हुई है। वाशिंगटन और तेहरान की ओर से आ रहे विरोधाभासी बयानों ने दुनिया को उलझन में डाल दिया है। इस हाई-प्रोफाइल कूटनीतिक ड्रामे को आपको 7 पॉइंट्स में समझाते है।

1. ईरान का सार्वजनिक इनकार बनाम परदे के पीछे की हलचल

ईरानी सरकारी टेलीविजन ने आधिकारिक तौर पर किसी भी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान जाने की खबर को खारिज कर दिया है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान 'धमकी के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करेगा।' हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ईरान ने गुप्त रूप से मध्यस्थों को संकेत दिए हैं कि वे मंगलवार तक अपनी टीम भेज सकते हैं।


2. ट्रंप और व्हाइट हाउस के विरोधाभासी बयान

अमेरिकी खेमे में भी संदेशों को लेकर भ्रम की स्थिति दिखी। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के लिए निकल चुके हैं, लेकिन बाद में व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि वे मंगलवार को रवाना होंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि 'हमने वहां होने पर सहमति जताई है,' लेकिन उन्हें संदेह है कि ईरान आएगा या नहीं।

3. 'होर्मुज की नाकेबंदी' बनी सबसे बड़ा रोड़ा

बातचीत के बीच सबसे बड़ा विवाद समुद्री रास्तों को लेकर है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई 'पक्की डील' नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म नहीं होगी। वहीं, ईरान का कहना है कि अमेरिका बातचीत की मेज को 'सरेंडर टेबल' में बदलना चाहता है, जो उन्हें मंजूर नहीं है।

4. सीजफायर खत्म होने पर भीषण हमले की चेतावनी

ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि वे बुधवार शाम के बाद संघर्षविराम को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने डराने वाले लहजे में कहा कि अगर डील नहीं हुई तो 'ढेर सारे बम फटने शुरू हो जाएंगे' और ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है।

5. परमाणु मुद्दे पर आर-पार की जंग

परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके पिछले हमलों ने ईरानी परमाणु स्थलों को 'मिट्टी में मिला' दिया है और अब यूरेनियम निकालना मुश्किल होगा। इसके उलट, ईरान ने वाशिंगटन की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उसके परमाणु स्टॉक को देश से बाहर भेजने की बात कही गई थी।

6. किसी भी परिस्थिति को लेकर बाजार सतर्क

इतने तनाव के बावजूद ग्लोबल मार्केट में थोड़ी सकारात्मकता दिख रही है। कच्चा तेल थोड़ा सस्ता हुआ है और शेयर बाजार में मामूली बढ़त है। निवेशकों को अभी भी उम्मीद है कि आखिरी मिनट में कोई कूटनीतिक चमत्कार हो सकता है और युद्ध को टाला जा सकेगा।

7. पाकिस्तान की मध्यस्थता में होगी बड़ी बैठक

रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तानी स्रोत अभी भी आशान्वित हैं कि बातचीत पटरी पर है। ऐसी भी चर्चा है कि अगर समझौते के आसार बने, तो ट्रंप खुद वर्चुअली या व्यक्तिगत रूप से शामिल हो सकते हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा यह तय करेगी कि बुधवार को शांति का हाथ बढ़ेगा या महायुद्ध की शुरुआत होगी।

युद्ध के बीच इस्लामाबाद आएंगे ट्रंप! US-ईरान समझौता हुआ तो खुद होंगे शामिल; पाकिस्तान में रचेगा इतिहास

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।