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नेपाल में अब नए 'रोमियो-जूलियट' कानून को लेकर शुरू हो गई कंट्रोवर्सी, क्या है ये पूरा मामला?

नेपाल के राष्ट्रीय आपराधिक कोड में एक ऐतिहासिक संशोधन की तैयारी चल रही है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस 'रोमियो-जूलियट' क्लॉज को लाने का मुख्य उद्देश्य वैधानिक बलात्कार (Statutory Rape) के प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकना है, विशेष रूप से उन मामलों में जहां टीनएजर्स आपसी सहमति से रिश्ते में आते हैं या फिर अलग-अलग जातियों (Inter-Caste Couples) में शादी या प्रेम करते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड May 20, 2026 पर 8:16 PM
नेपाल में अब नए 'रोमियो-जूलियट' कानून को लेकर शुरू हो गई कंट्रोवर्सी, क्या है ये पूरा मामला?
नेपाल में अब नए 'रोमियो-जूलियट' कानून को लेकर शुरू हो गई कंट्रोवर्सी, क्या है ये पूरा मामला?

पड़ोसी देश नेपाल में इस समय एक नया कानून बनने से पहले ही चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गया है। इस कानून को मीडिया और कानूनी गलियारों में रोमियो-जूलियट क्लॉज कहा जा रहा है। दरअसल, नेपाल सरकार अपने क्रिमिनल लॉ (आपराधिक कानून) में एक बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसके तहत किशोरों (टीनएजर्स) के बीच आपसी सहमति से बने संबंधों को सीधे रेप के मामले के रूप में दर्ज होने से रोका जा सके। इस प्रस्तावित संशोधन को लेकर जहां एक तरफ युवा कार्यकर्ता और कानूनी विशेषज्ञ इसे समय की मांग बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाल और महिला अधिकार संगठनों ने इस पर चिंता जताते हुए एक नई बहस छेड़ दी है।

आपको बता दें कि नेपाल के राष्ट्रीय आपराधिक कोड में एक ऐतिहासिक संशोधन की तैयारी चल रही है। न्यूज18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस 'रोमियो-जूलियट' क्लॉज को लाने का मुख्य उद्देश्य वैधानिक बलात्कार (Statutory Rape) के प्रावधानों के दुरुपयोग को रोकना है, विशेष रूप से उन मामलों में जहां टीनएजर्स आपसी सहमति से रिश्ते में आते हैं या फिर अलग-अलग जातियों (Inter-Caste Couples) में शादी या प्रेम करते हैं।

आखिर क्यों मौजूदा कानून को बदलना चाहती है नेपाल सरकार?

नेपाल के वर्तमान कानूनी ढांचे में कुछ विसंगतियां हैं। इसकी वजह से ये लंबे समय से आलोचना का शिकार रही हैं। नेपाल में आपसी सहमति से संबंध बनाने की कानूनी उम्र 18 वर्ष है, लेकिन कानूनी रूप से शादी करने की न्यूनतम उम्र 20 वर्ष है। इस विरोधाभास के कारण कई कानूनी पेचीदगियां खड़ी होती हैं। मौजूदा कानून के तहत, अगर कोई भी व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र का है, तो उसके साथ आपसी सहमति से बनाया गया शारीरिक संबंध भी स्वतः 'स्टैच्यूटरी रेप' (वैधानिक बलात्कार) की श्रेणी में आ जाता है। कानूनन माना जाता है कि 18 से कम उम्र के बच्चे सहमति देने के योग्य नहीं हैं।

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