पड़ोसी देश नेपाल में इस समय एक नया कानून बनने से पहले ही चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गया है। इस कानून को मीडिया और कानूनी गलियारों में रोमियो-जूलियट क्लॉज कहा जा रहा है। दरअसल, नेपाल सरकार अपने क्रिमिनल लॉ (आपराधिक कानून) में एक बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसके तहत किशोरों (टीनएजर्स) के बीच आपसी सहमति से बने संबंधों को सीधे रेप के मामले के रूप में दर्ज होने से रोका जा सके। इस प्रस्तावित संशोधन को लेकर जहां एक तरफ युवा कार्यकर्ता और कानूनी विशेषज्ञ इसे समय की मांग बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाल और महिला अधिकार संगठनों ने इस पर चिंता जताते हुए एक नई बहस छेड़ दी है।
