Nirav Modi: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बड़ा झटका, लंदन हाई कोर्ट में भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज

Nirav Modi Extradition To India: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुसार, भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को एक बड़ा झटका लगा है। लंदन हाई कोर्ट ने UK की अदालतों की तरफ से जारी उसके प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ कार्यवाही को फिर से खोलने की उसकी याचिका खारिज कर दी है

अपडेटेड Mar 26, 2026 पर 7:23 AM
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Nirav Modi Extradition To India: लंदन हाई कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण मामले को फिर से खोलने की नीरव मोदी की याचिका खारिज कर दी

Nirav Modi Extradition To India: लंदन हाई कोर्ट ने बुधवार (25 मार्च) को भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पित करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि नीरव मोदी को भारत में 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के सिलसिले में प्रत्यर्पित किया जाना है। मोदी ने हाई कोर्ट की किंग्स बेंच डिवीजन में याचिका दायर की थी। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस के वकील ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम की सहायता से उसकी याचिका के खिलाफ दलीलें पेश कीं।

जांच अधिकारियों सहित सीबीआई अधिकारियों की एक टीम सुनवाई के लिए लंदन गई थी। सीबीआई की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "(हथियार कारोबारी संजय) भंडारी मामले में आए फैसले के आधार पर मामले में दोबारा सुवाई शुरू करने की अर्जी दायर की गई थी। हालांकि, सीबीआई के निरंतर और समन्वित प्रयासों से इस चुनौती को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया।"

प्रवक्ता की बताया कि मोदी की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि याचिका और उससे संबंधित परिस्थितियां इतनी असाधारण नहीं थीं कि मामले में दोबारा सुनवाई का औचित्य साबित हो सके। उन्होंने कहा, "सीबीआई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में महत्वपूर्ण वित्तीय गड़बड़ी से जुड़े पीएनबी घोटाले के संबंध में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की मांग कर रही है, और इस मामले में कार्यवाही 2018 से जारी है।"


प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन की अदालतों ने 2019 में मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी और उसकी पिछली अपीलों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि अदालतों को कोई कानूनी खामी नहीं मिली और भारत में उसके साथ किए जाने वाले व्यवहार के संबंध में दिए गए आश्वासनों को स्वीकार कर लिया गया था।

अधिकारी ने पीटीआई से कहा, "हालांकि एक अस्थायी कानूनी बाधा ने प्रक्रिया में देरी की, लेकिन इसे अगस्त 2025 में हटा दिया गया। नीरव मोदी ने संभावित दुर्व्यवहार (भंडारी फैसले के आधार पर) के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए और यह सवाल उठाया कि क्या भारतीय अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन उसके अधिकारों की रक्षा के लिए पर्याप्त हैं। उसने इसके साथ ही मामले पर दोबारा सुनवाई के लिए आवेदन किया था।"

लंदन की जेल में बंद है मोदी

नीरव मोदी फिलहाल 19 मार्च 2019 से ही ब्रिटेन की अदालत में कैद है। प्रवक्ता ने बताया कि मोदी एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी है, जिस पर भारत में अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर PNB को कथित तौर पर धोखा देने के आरोप में मुकदमा चल रहा है। उन्होंने बताया कि मोदी ने अकेले ही 6,498.20 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।

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