नीरव मोदी का छोटा भाई नेहल अमेरिका में हुआ गिरफ्तार, CBI, ED की अपील पर एक्शन, US की हीरा कंपनी को भी लगाया चूना

सूत्रों का दावा है कि नेहल मोदी ने कंपनी से हीरे यह झूठा दावा करके हासिल किए कि ये कॉस्टको के साथ एक डील के लिए थे। ये एक ऐसी डील थी, जो कभी पूरा नहीं हुआ। भुगतान की शर्तों को मानने के बजाय, उसने कथित तौर पर हीरे को गिरवी रख दिया और अपने फायदे के लिए बेच दिया

अपडेटेड Jul 05, 2025 पर 5:07 PM
Story continues below Advertisement
Nehal Modi Arrest: नीरव मोदी का छोटा भाई नेहल अमेरिका में हुआ गिरफ्तार,

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी को CBI और ED के प्रत्यर्पण अनुरोध पर शनिवार, 5 जुलाई को अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया। नेहल मोदी की गिरफ्तारी पांच साल बाद हुई है, जब उस पर मैनहट्टन में दुनिया की सबसे बड़ी हीरा कंपनियों में से एक एलडी डायमंड्स यूएसए से 2.6 मिलियन डॉलर से ज्यादा कीमत के हीरे हासिल करने के लिए धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था।

सूुत्रों का दावा है कि नेहल मोदी ने कंपनी से हीरे यह झूठा दावा करके हासिल किए कि ये कॉस्टको के साथ एक डील के लिए थे। ये एक ऐसी डील थी, जो कभी पूरा नहीं हुआ। भुगतान की शर्तों को मानने के बजाय, उसने कथित तौर पर हीरे को गिरवी रख दिया और अपने फायदे के लिए बेच दिया।

उसकी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तरफ से प्रत्यर्पण अनुरोध के बाद हुई, जो PNB लोन धोखाधड़ी मामले और LLD डायमंड्स USA से जुड़े 2.6 मिलियन डॉलर के धोखाधड़ी मामले में उसकी संलिप्तता की जांच कर रहे हैं।


यह गिरफ्तारी मोदी परिवार के कथित वित्तीय धोखाधड़ी की चल रही जांच में एक बड़ा अहम कदम है।

क्या था PNB घोटाला

नेहल मोदी पर भारत के सबसे बड़े वित्तीय धोखाधड़ी में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले में भी आरोपपत्र दाखिल किया गया है, जिसमें कथित तौर पर भाई नीरव मोदी (Nirav Modi) को मल्टी बिलियन डॉलर स्कीम में फर्जी क्रेडिट लेटर हासिल करने में मदद की गई है।

13,500 करोड़ रुपए का PNB लोन धोखाधड़ी मामला पहली बार 2018 की शुरुआत में सामने आया था, जिसमें भगोड़ा मेहुल चोकसी, उसका भतीजा नीरव मोदी और कुछ PNB अधिकारियों सहित कई साथी शामिल थे।

चोकसी के साथ-साथ भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी को भी भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील में कानूनी झटके का सामना करना पड़ा।

ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने 17 मई को फैसला सुनाया कि उसे मुकदमे के लिए भारत भेजने से उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं होगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।