पाकिस्तान की सरकार 10 जून को बजट पेश करने वाली है। इससे एक दिन पहले 9 जून को पाकिस्तानी वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने आर्थिक सर्वे 2024-25 पेश किया। यह खत्म हो रहे वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का लेखाजोखा होता है। पाकिस्तान का वित्त वर्ष 1 जुलाई-30 जून तक रहता है। पड़ोसी मुल्क के आर्थिक सर्वे से पता चला है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पिछले वित्त वर्ष 2.5% की दर से बढ़ी। अब 30 जून 2025 को खत्म होने जा रहे वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था के 2.7% की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद है।
पाकिस्तान की सरकार ने शुरू में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद में 3.6% की वृद्धि का लक्ष्य रखा था। लेकिन पिछले महीने इसे घटाकर 2.7% कर दिया। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड को पाकिस्तान की इकोनॉमिक ग्रोथ मौजूदा वित्त वर्ष में 2.6% और अगले वित्त वर्ष में 3.6% रहने की उम्मीद है। आर्थिक सर्वेक्षण में निर्यात में 7% की वृद्धि की बात कही गई है। पाकिस्तान का आईटी निर्यात 3.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया। रेमिटेंस बढ़कर 38 अरब डॉलर हो गया।
सरकार को अगले वित्त वर्ष में 4.2% की ग्रोथ रेट की उम्मीद
रॉयटर्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार अगले वित्त वर्ष में 4.2% की ग्रोथ रेट का लक्ष्य बना रही है। इसमें निवेश को बढ़ावा देना, प्राइमरी सरप्लस बरकरार रखना और भारत के साथ तनाव के बीच रक्षा खर्च को मैनेज करना शामिल है। पाकिस्तानी वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि वह नहीं चाहते कि अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़े, जिसके कारण अतीत में आयात में उछाल आया है। औरंगजेब के मुताबिक, "जैसे ही हम खपत-बेस्ड विकास की ओर बढ़ते हैं, हमारा आयात गड़बड़ा जाता है और हमारे भुगतान संतुलन की समस्या तेज हो जाती है। यह पूरी चर्चा को पटरी से उतार देता है।"
पाकिस्तान के कर्ज की स्थिति
CNN-News18 के मुताबिक, पाकिस्तान के आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक ऋण चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में यानि जुलाई 2024-मार्च 2025 के बीच बढ़कर 76,000 अरब पाकिस्तानी रुपये हो गया। इसमें घरेलू कर्ज 51,518 अरब पाकिस्तानी रुपये और बाहरी कर्ज 24,489 अरब पाकिस्तानी रुपये है। अत्यधिक या खराब तरीके से मैनेज्ड कर्ज गंभीर कमजोरियां पैदा कर सकता है, जैसे कि ब्याज का बोझ बढ़ना। अगर इसे अनदेखा किया गया तो यह लॉन्ग टर्म में वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा को कमजोर कर सकता है।
कर्ज में वृद्धि आंशिक रूप से IMF की विस्तारित निधि सुविधा के तहत चल रहे उधार से प्रेरित है। सितंबर 2024 में IMF ने पकिस्तान के लिए 7 अरब डॉलर का फंड मंजूर किया था। इसमें से 2.1 अरब डॉलर का वितरण अब तक किया जा चुका है। इसके अलावा चीन से द्विपक्षीय कर्ज, विशेष रूप से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत, अनुमानित 30 अरब डॉलर है।
पहली 3 तिमाहियों में सरकार का रेवेन्यू 13.37 लाख करोड़ रुपये
प्रतिकूल मौसम की मार से पाकिस्तान में कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट 0.6% रही, जो 9 वर्षों में सबसे कम है।आर्थिक सर्वेक्षण से पता चला कि वित्त वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों के लिए पाकिस्तान की सरकार का कुल रेवेन्यू 13.37 लाख करोड़ रुपये था। यह इससे पहले के वित्त वर्ष की तुलना में 36.7% अधिक है। 9 महीनों में पाकिस्तान का चालू खाता सरप्लस 1.9 अरब डॉलर था, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में देश ने 20 करोड़ डॉलर का चालू खाता घाटा देखा था।
मौजूदा वित्त वर्ष में पॉलिसी रेट में 1000 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा कटौती
रॉयटर्स के मुताबिक, ग्रोथ को प्रोत्साहित करने के लिए पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में अपनी पॉलिसी रेट में 1,000 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा की कटौती की है। ताजा कटौती पिछले महीने की गई, जिसके बाद प्रमुख दर 11% पर आ गई। पाकिस्तानी वित्त मंत्री का कहना है कि आसान ऋण शर्तों से आर्थिक सुधार को बढ़ावा मिलेगा। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में पाकिस्तान का वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद यानि जीडीपी का 2.6% था। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए महंगाई 4.6% रहने का अनुमान है।