Minister Naqvi’s Tehran Visit: मिडिल ईस्ट में जारी महासंकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच एक बहुत बड़ी कूटनीतिक हलचल शुरू हो गई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी अचानक शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच गए हैं। सूत्रों के हवाले से 'न्यूज18' का दावा है कि नकवी का यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच टूटने की कगार पर पहुंच चुकी शांति वार्ता को दोबारा जिंदा करने की आखिरी कोशिश है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की शर्तों को खारिज करने और 'तूफान से पहले की शांति' जैसी खुली सैन्य धमकी देने के बाद पाकिस्तान अब इस मामले में 'शटल डिप्लोमेसी' कर रहा है।
तेहरान क्यों पहुंचे नकवी?
आधिकारिक तौर पर इस दौरे को दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक, मोहसिन नकवी का यह दो दिवसीय दौरा तब तय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के ताजा प्रपोजल को सिरे से खारिज कर दिया।
नकवी ने तेहरान पहुंचते ही ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की। ईरान की 'तस्नीम' और 'इर्ना' (IRNA) न्यूज एजेंसियों ने भी माना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच युद्धविराम के बाद बढ़ी बातचीत का हिस्सा है।
पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर का 'सीक्रेट मैसेज'
शीर्ष राजनयिक सूत्रों के अनुसार, मोहसिन नकवी अपने साथ पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर का एक बेहद अहम और गुप्त संदेश लेकर ईरान की शीर्ष लीडरशिप और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों के पास पहुंचे हैं।
पाकिस्तान इस समय वाशिंगटन और तेहरान के बीच एक 'डाकिया' या 'ब्रिज' का काम कर रहा है। वह अमेरिका का संदेश ईरान को और ईरान का रुख अमेरिका तक पहुंचा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि जनरल आसिम मुनीर खुद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के साथ-साथ IRGC कमांडरों के लगातार संपर्क में हैं।
पाकिस्तान इस कोशिश में जुटा है कि ईरान को शांति वार्ता के लिए टेबल पर लाया जाए और इसके बदले चीन, सऊदी अरब जैसे मित्र देशों से ईरान की सुरक्षा की गारंटी दिलाई जाए।
इस सीक्रेट मैसेज और नकवी के दौरे की टाइमिंग वैश्विक राजनीति के लिहाज से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी-अभी अपना बीजिंग दौरा खत्म करके लौटे हैं, जहां उनकी शी जिनपिंग से ईरान परमाणु मुद्दे और होर्मुज जलमार्ग को खुला रखने पर बात हुई है।
ठीक इसके बाद, 23 मई को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और देश की शीर्ष सैन्य लीडरशिप चीन के दौरे पर जा रही है। ऐसे में चीन जाने से पहले ईरान को मनाना पाकिस्तान के लिए बेहद जरूरी है।
ईरान ने की पाकिस्तान की तारीफ
ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान और जनरल आसिम मुनीर के प्रयासों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'हम क्षेत्र में शांति बहाली के लिए पाकिस्तान द्वारा की जा रही ईमानदार कोशिशों की गहराई से सराहना करते हैं।'