पाकिस्तान इकलौता ऐसा देश है, जो हार के बाद भी अपने अधिकारियों को प्रमोट करता है। भारत के साथ हालिया संघर्ष में भी मुंह की खाने के बाद बावजूद अब ये खबर आई है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को मंगलवार को प्रमोशन देकर फील्ड मार्शल बना दिया गया है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, भारत के साथ हालिया संघर्ष में सशस्त्र बलों का "सफलतापूर्वक" नेतृत्व करने के लिए मुनीर का प्रमोशन किया गया है।
यह निर्णय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सरकारी PTV ने बताया कि कैबिनेट ने देश के "फील्ड मार्शल के रूप में जनरल असीम मुनीर को प्रमोट" करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसमें कहा गया कि भारत के साथ संघर्ष में उनकी "अनुकरणीय भूमिका" के लिए यह निर्णय लिया गया।
असीम मुनीर पर पाकिस्तान का बयान
संघीय सरकार ने जनरल सैयद असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में संघीय कैबिनेट की बैठक के दौरान लिया गया।
आधिकारिक बयान के अनुसार, जनरल असीम मुनीर को भारत के खिलाफ ऑपरेशन में उनके रणनीतिक नेतृत्व और दुश्मन को निर्णायक हार देने के लिए पदोन्नति दी गई।
कैबिनेट ने सर्वसम्मति से एयर चीफ मार्शल जहीर बाबर सिद्धू को उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भी सेवा में बनाए रखने का फैसला किया।
फील्ड मार्शल का पद ब्रिटिश सेना के संरक्षक के नाम पर बनी सेनाओं का सर्वोच्च पद है। असीम मुनीर पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल होंगे, उनसे पहले जनरल मोहम्मद अयूब खान को राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की ओर से यह पद दिया गया था।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने नवंबर 2022 में जनरल कमर जावेद बाजवा के बाद पदभार संभाला था। शीर्ष पद के लिए विचार किए गए छह अधिकारियों में सबसे सीनियर मुनीर पहले पूर्व पीएम इमरान खान के तहत इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) जासूसी ब्यूरो के प्रमुख के रूप में काम किया था। लेकिन उनके साथ कथित मतभेद के बाद उनका कार्यकाल केवल आठ महीने बाद जून 2019 में खत्म हो गया।