Operation Sindoor : भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंकियों को मार गिराने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया, जिसके बाद से दोनों देशों में तनाव का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान ने 9 मई की रात भारत के कई इलाकों पर हमले की नाकाम कोशिश की। भारतीय सेना पाकिस्तान के हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। शुक्रवार की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रहीम यार खान एयरबेस पर हुए हमले की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं।
रहीम यार खान एयरबेस का बुरा हाल
सामने आए वीडियो में एयरबेस की हालत बुरी तरह से खराब नजर आ रही है। झूमर लटकते हुए दिख रहे हैं, इमारत पूरी तरह टूट गई है, दरवाजे उखड़ चुके हैं और फर्श पर मलबा फैला हुआ है। बता दें कि रहीम यार खान एयरबेस पाकिस्तान वायु सेना (PAF) का एक सक्रिय सैन्य हवाई अड्डा नहीं है, लेकिन ये एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जिसकी वजह से इनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग महत्व है।
यह हमला तब हुआ जब पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और छह बैलिस्टिक मिसाइलें भेजीं। पाकिस्तान का मकसद भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना था। हालांकि, भारत की एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से टल गया। विंग कमांडर सिंह ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत की सेना ने बेहद प्लानिंग से जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने सिर्फ पाकिस्तान के चुनिंदा सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया।
पाकिस्तान ने चार एयरबेस को बनाया निशाना
भारत ने मुरीद, चकलाला (रावलपिंडी), रहीम यार खान, सुक्कुर और सुनिया जैसे स्थानों पर अपने लड़ाकू विमानों से हवा से छोड़े जाने वाले सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया। इसके अलावा, पसरूर और सियालकोट के एयरबेस पर मौजूद रडार साइटों को भी सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया।
कल रात भारत ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, पंजाब के शोरकोट में रफीकी एयरबेस और चकवाल के मुरीद एयरबेस पर मिसाइल हमले किए। इसके अलावा, इस्लामाबाद, लाहौर और रावलपिंडी के कुछ और इलाकों में भी हमले किए गए। पाकिस्तान ने शुक्रवार की रात अपने हमलों को और तेज कर दिया, उसी दिन जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर की फंडिंग मंजूर की थी। यह रकम IMF की विस्तारित सहायता योजना के तहत दी गई है। भारत ने इस पर आपत्ति जताई है कि पाकिस्तान इन पैसों का इस्तेमाल सीमा पर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में कर सकता है।