G20 Leaders’ Summit: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में शनिवार को शुरू हुए G20 लीडर्स समिट में वैश्विक नेताओं ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि उनका देश ग्लोबल साउथ और अफ्रीकी महाद्वीप की विकास प्राथमिकताओं को G20 एजेंडे में शामिल करना सुनिश्चित करेगा। तीन दिवसीय इस शिखर सम्मेलन से सामने आए पांच प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
1. PM मोदी का छह-सूत्रीय एजेंडा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20-नेतृत्व वाली छह नई पहलों के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया:
ड्रग-टेरर नेक्सस: PM मोदी ने 'ड्रग-टेरर नेक्सस' का मुकाबला करने के लिए G20 पहल पर तत्काल और समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया।
स्वास्थ्य प्रतिक्रिया दल: सदस्य देशों के प्रशिक्षित चिकित्सा पेशेवरों के साथ एक G20 ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पांस टीम बनाने का प्रस्ताव दिया, जो तैनाती के लिए तैयार रहे।
अफ्रीका कौशल गुणक: अफ्रीकी महाद्वीप के विकास के लिए G20 अफ्रीका-कौशल गुणक इनिशिएटिव प्रस्तावित की।
ज्ञान भंडार: एक ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज भंडार की स्थापना।
ओपन सैटेलाइट डेटा: G20 ओपन सैटेलाइट डेटा पार्टनरशिप की घोषणा।
खनिज पहल: G20 क्रिटिकल मिनरल्स सर्कुलैरिटी इनिशिएटिव बनाने का आह्वान।
2. अमेरिकी बहिष्कार के बावजूद अपनाया जलवायु घोषणापत्र
G20 शिखर सम्मेलन ने अपने पहले दिन जलवायु संकट और अन्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के लिए एक घोषणा को अपनाया। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ने घोषणापत्र के मसौदे में कोई इनपुट नहीं दिया, क्योंकि व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया कि दक्षिण अफ्रीका अपने G20 प्रेसीडेंसी का इस्तेमाल G20 के संस्थापक सिद्धांतों को कमजोर करने के लिए कर रहा था। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि ट्रंप ने G20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार करने का आदेश दिया था।
3. क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर जोर
शिखर सम्मेलन की घोषणा में G20 क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क बनाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों को सतत विकास और समावेशी आर्थिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में उपयोग करना है। घोषणापत्र में कहा गया है कि इन खनिजों की मांग में काफी वृद्धि होगी और यह फ्रेमवर्क यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इन खनिजों का उत्पादन करने वाले देश, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में, अपने संसाधनों से अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।
4. क्लाइमेट फाइनेंस में वृद्धि की आवश्यकता
G20 घोषणापत्र को COP30 संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता समाप्त होने के दिन ही समर्थन मिला। उसमें जलवायु वित्त को 'अरबों से खरबों तक विश्व स्तर पर' बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया था। इसने अफ्रीका में ऊर्जा तक पहुंच में असमानताओं को भी रेखांकित किया और सतत ऊर्जा परिवर्तन के लिए निवेश को बढ़ाने और विविधता लाने का आह्वान किया। नेताओं ने जलवायु संबंधी आपदाओं के लिए जोखिम में पड़े लोगों हेतु अधिक प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के विकास को बढ़ावा देने का भी संकल्प लिया।
5. यूक्रेन पर पर्दे के पीछे रहा फोकस
हालांकि यूक्रेन का उल्लेख 30-पेज के घोषणापत्र में केवल एक बार प्रमुख वैश्विक संघर्षों के संदर्भ में किया गया, लेकिन शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले पश्चिमी नेताओं ने अपनी द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान इस संघर्ष को फोकस में रखा। घोषणापत्र में यूक्रेन, सूडान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और 'अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र' में 'न्यायसंगत, व्यापक और स्थायी शांति' का आह्वान किया गया है।