यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के साथ जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच रूस ने मंगलवार को ग्रीनलैंड, ईरान, अमेरिका और NATO को महत्वपूर्ण बयान दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस आरोप को खारिज करते हुए कि ग्रीनलैंड को रूस और चीन से खतरा है, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि आर्कटिक द्वीप में हस्तक्षेप करने में देश की "कोई दिलचस्पी नहीं" है।
लावरोव ने कहा, "सही मायने में ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है, है ना? यह न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। यह एक औपनिवेशिक तरीक से जीता हुई जगह है।" उन्होंने आगे कहा, "यह एक अलग बात है कि वहां निवासी अब इसके आदी हो चुके हैं और सहज महसूस करते हैं।"
दरअसल ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि डेनमार्क के स्वशासित क्षेत्र ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण होना चाहिए। शनिवार को उन्होंने उन यूरोपीय सहयोगियों के सामानों पर टैरिफ की भी घोषणा की, जो अमेरिका के ग्रीनलैंड को कब्जाने का विरोध करते हैं।
ईरान पर रूस के बयान पर लावरोव ने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बावजूद रूस ईरान के साथ व्यापार जारी रखेगा। उन्होंने कहा, "अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने की धमकियों के बावजूद, मुझे ईरान के साथ ज्वाइंट प्रोजेक्ट को रोकने का कोई कारण नहीं दिखता।" उन्होंने आगे कहा, "रूस ईरान के साथ अपनी इच्छानुसार व्यापार करेगा।"
NATO के बारे में अपने बयान में लावरोव ने आरोप लगाया कि NATO रूस के साथ "युद्ध" की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, "नाटो 'गंभीरता से' रूस के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा है। वे इस तथ्य को छिपा नहीं रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, “नाटो के भीतर इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या अब इसे बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इसका एक सदस्य दूसरे सदस्य पर हमला करने की योजना बना रहा है।”
ग्रीनलैंड को दिखाया अमेरिका का हिस्सा!
वहीं इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक AI जनरेटेड फोटो शेयर की। इस फोटो में ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा गाड़ते हुए नजर आ रहे हैं।
इस फोटो के बगल में एक बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है: "ग्रीनलैंड, अमेरिकी क्षेत्र, स्थापना 2026"। इसके अलावा, उन्होंने एक नक्शा भी शेयर किया जिसमें कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिका के हिस्से के रूप में दिखाया गया है।
इसके साथ ही ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने घोषणा की है कि अगर डेनमार्क ग्रीनलैंड को बेचने के लिए तैयार नहीं होता है, तो वे कुछ सख्त कदम उठाएंगे:
1 फरवरी 2026 से: डेनमार्क, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड और नीदरलैंड पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा।
1 जून 2026 से: इस टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका दशकों से इन देशों की सुरक्षा के लिए पैसा खर्च कर रहा है और अब समय आ गया है कि डेनमार्क ग्रीनलैंड को हमें देकर इसका "भुगतान" करे।