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यूक्रेन के लोगों को सुसाइड बॉम्बर बना रहा रूस? Telegram के जरिए ऐसे बिछाया जा रहा जाल

Russia Ukraine War: रिपोर्ट के अनुसार, रूस के सपोर्ट वाले हैंडलर्स टेलीग्राम पर फर्जी नौकरियों का लालच देकर युवाओं और बेरोजगारों को फंसाते हैं। पहले तो छोटे काम दिए जाते हैं, जैसे सरकारी इमारतों की फोटो खींचना, फिर धीरे-धीरे उन्हें जिंदा बम ले जाने जैसे घातक कामों में धकेला जाता है

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jul 01, 2025 पर 7:01 PM
यूक्रेन के लोगों को सुसाइड बॉम्बर बना रहा रूस? Telegram के जरिए ऐसे बिछाया जा रहा जाल
Russia Ukraine War: यूक्रेन के लोगों को सुसाइड बॉम्बर बना रहा रूस? Telegram के जरिए ऐसे बिछाया जा रहा जाल

यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने दावा किया है कि रूस की खुफिया एजेंसियां अब यूक्रेनी नागरिकों को ही, खासकर बच्चों और युवाओं को, अंदरूनी हमलों के लिए भड़का रही हैं। इन युवाओं को टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पैसों का लालच देकर बम ले जाने और प्लांट करने जैसे काम सौंपे जा रहे हैं। यह रणनीति रूस की "आंतरिक अस्थिरता फैलाने" की योजना का हिस्सा है, जिससे वह सीधे हमला किए बिना यूक्रेन को अंदर से कमजोर करना चाहता है।

रिपोर्ट के अनुसार, रूस के सपोर्ट वाले हैंडलर्स टेलीग्राम पर फर्जी नौकरियों का लालच देकर युवाओं और बेरोजगारों को फंसाते हैं। पहले तो छोटे काम दिए जाते हैं, जैसे सरकारी इमारतों की फोटो खींचना, फिर धीरे-धीरे उन्हें जिंदा बम ले जाने जैसे घातक कामों में धकेला जाता है।

कई मामलों में ये युवक यह तक नहीं जानते कि वे क्या ले जा रहे हैं, और अनजाने में सुसाइड बॉम्बर बन जाते हैं।

Rivne केस: एक आम लड़के से बॉम्बर बनने तक की कहानी

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