यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU ने दावा किया है कि रूस की खुफिया एजेंसियां अब यूक्रेनी नागरिकों को ही, खासकर बच्चों और युवाओं को, अंदरूनी हमलों के लिए भड़का रही हैं। इन युवाओं को टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पैसों का लालच देकर बम ले जाने और प्लांट करने जैसे काम सौंपे जा रहे हैं। यह रणनीति रूस की "आंतरिक अस्थिरता फैलाने" की योजना का हिस्सा है, जिससे वह सीधे हमला किए बिना यूक्रेन को अंदर से कमजोर करना चाहता है।
