Russia-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ जारी युद्ध को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है। चार साल से अधिक समय से चल रहा रूस और यूक्रेन का भीषण संघर्ष अब समाप्त होने वाला है। जी हां, मॉस्को के सालाना 'विक्ट्री डे' समारोहों के बाद एक चौंकाने वाले बयान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संकेत दिया है कि यूक्रेन में चल रहा संघर्ष अब अपने अंत के करीब है।
शनिवार को क्रेमलिन में पत्रकारों से बात करते हुए पुतिन ने कहा, "मुझे लगता है कि यह मामला अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।" पुतिन का यह बयान चार साल से अधिक समय तक चले भीषण युद्ध के बाद तनाव कम होने की संभावना का संकेत है। पुतिन के बयान के बाद चार साल से ज्यादा समय तक चली जानलेवा लड़ाई के बाद रूस-यूक्रेन शांति वार्ता की नई उम्मीदें जगी हैं।
मॉस्को में रूस के 'विजय दिवस' समारोह के दौरान शनिवार को बोलते हुए पुतिन ने कहा, "मुझे लगता है कि यह मामला अब अपने अंत की ओर बढ़ रहा है।" कई लोगों का मानना है कि यह अब तक का उनका सबसे मजबूत संकेत है कि रूस इस संघर्ष को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए तैयार हो सकता है।
बातचीत की संभावना पर पुतिन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने की अपनी तत्परता को फिर से दोहराया। हालांकि, रूसी नेता ने एक सख्त शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात पहले से तय शांति समझौते को औपचारिक रूप देने का आखिरी कदम होनी चाहिए। पुतिन ने कहा, "किसी तीसरे देश में मिलना मुमकिन है, लेकिन तभी जब शांति संधि पर अंतिम सहमति बन चुकी हो।" साथ ही यह भी जोड़ा कि ऐसा कोई भी समझौता लंबे समय के ऐतिहासिक नज़रिए को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए।
यूक्रेन से बातचीत को तैयार
पुतिन के इस रुख से पता चलता है कि मॉस्को यूक्रेन के साथ आमने-सामने की शिखर वार्ता के लिए तैयार है। पुतिन ने मौजूदा बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए अमेरिका का आभार भी जताया। लेकिन इस बात पर जोर दिया कि इस समस्या का अंतिम समाधान आखिरकार रूस और यूक्रेन के बीच का ही मामला है। पुतिन का यह कमेंट उनके विक्ट्री डे स्पीच में युद्ध को सही ठहराने के कुछ ही घंटे बाद आया।
BBC के मुताबिक, जब एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में पुतिन से यूक्रेन की मदद करने वाले वेस्ट के बारे में पूछा गया तो रूसी राष्ट्रपति ने कहा, "उन्होंने (वेस्ट) मदद का वादा किया और फिर रूस के साथ टकराव को हवा देना शुरू कर दिया जो आज भी जारी है। मुझे लगता है कि यह मामला खत्म हो रहा है, लेकिन यह एक सीरियस मामला है।" पुतिन ने तर्क दिया कि पश्चिम ने यूक्रेन को अपने भू-राजनीतिक हितों को साधने के लिए एक मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया है।
रूस का वार्षिक विजय दिवस परेड इस साल मॉस्को में पिछले सालों की तुलना में काफी छोटा था। इस आयोजन के दौरान रेड स्क्वायर से कोई टैंक नहीं गुजरा। इसके बजाय, विशाल स्क्रीन पर मिसाइलें, ड्रोन और लड़ाकू विमान दिखाए गए। जबकि यूक्रेन युद्ध में शामिल सैनिकों सहित रूसी जवान राजधानी में मार्च करते हुए निकले।
अपने भाषण में पुतिन ने रूसी सैनिकों की जमकर तारीफ की। उन्होंने अमेरिका समेत नाटो देशों पर रूस के खिलाफ आक्रामक कार्रवाइयों का समर्थन करने का आरोप लगाया। मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उत्तर कोरियाई सैनिक कथित तौर पर कुर्स्क क्षेत्र में रूसी सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। वे रूसी परेड में शामिल हुए।