Konarak Naval Base: ईरान के कोनार्क नेवल बेस पर भारी तबाही, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे डूबे हुए युद्धपोत और मलबे का ढेर

Iran Konarak Naval Base: सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से कोनार्क बेस की डरावनी तस्वीर सामने आई है। डॉकिंग एरिया के पास कम से कम तीन युद्धपोत पूरी तरह या आंशिक रूप से डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं। तट के पास बनी कई महत्वपूर्ण इमारतें और सपोर्ट सुविधाएं मलबे में तब्दील हो चुकी हैं

अपडेटेड Mar 02, 2026 पर 3:02 PM
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तस्वीरों में बंदरगाह के चारों ओर मलबा बिखरा हुआ है और कंक्रीट के ढांचे ढह गए हैं

Major Damage At Konarak Naval Base: अमेरिका और इजरायल के 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान की समुद्री ताकत को गहरी चोट पहुंचाई है। निजी सैटेलाइट कंपनी 'वेंटोर' (Vantor) द्वारा जारी की गई ताजा तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि ओमान की खाड़ी के पास स्थित ईरान के रणनीतिक कोनार्क नौसेना बेस (Konarak Naval Base) पर भीषण तबाही हुई है, जिसमें ईरान के कई युद्धपोत समुद्र में समा गए है।

ईरान के नौसेना बेस पर अमेरिका और इजरायल का प्रहार

सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से कोनार्क बेस की डरावनी तस्वीर सामने आई है। डॉकिंग एरिया के पास कम से कम तीन युद्धपोत पूरी तरह या आंशिक रूप से डूबे हुए दिखाई दे रहे हैं। तट के पास बनी कई महत्वपूर्ण इमारतें और सपोर्ट सुविधाएं मलबे में तब्दील हो चुकी हैं। तस्वीरों में बंदरगाह के चारों ओर मलबा बिखरा हुआ है और कंक्रीट के ढांचे ढह गए हैं। डॉकिंग कॉरिडोर के पास जलने के गहरे निशान और गड्ढे दिख रहे हैं, जो बताते है कि मिसाइलों ने सीधे तौर पर नेवल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है।


एयरबेस और ड्रोन सेंटर भी निशाने पर

सिर्फ नौसेना ही नहीं, बल्कि ईरान की वायु शक्ति और ड्रोन क्षमता पर भी कड़ा प्रहार किया गया है। सैटेलाइट इमेजरी में विमानों को रखने वाले सुरक्षित शेल्टरों की छतों पर बड़े छेद और जलने के निशान दिख रहे हैं। हालांकि मुख्य रनवे सुरक्षित लग रहा है, लेकिन पास के ऑपरेशनल एरिया को भारी नुकसान पहुंचा है। एयरस्ट्रिप के पास स्थित एक ड्रोन इंस्टॉलेशन में इमारतों के गिरने और विस्फोट के कारण जमीन पर गहरे निशान देखे गए है। ऐसा लगता है कि यहां ड्रोन स्टोरेज या कंट्रोल रूम को निशाना बनाया गया था।

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ईरान की चुप्पी के बीच गहराता संकट

28 फरवरी को हुए इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की मौत हो चुकी है। ईरान ने इसके जवाब में इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें तो दागी हैं, लेकिन अपने सैन्य ठिकानों पर हुए इस भारी नुकसान पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन हमलों से ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता काफी हद तक कम हो गई है।

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