'दुश्मनों को छोड़ और सबके लिए खुला है रास्ता', होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी को लेकर ईरान ने साफ किया अपना रुख

Iran On Strait Of Hormuz: ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज का रास्ता पूरी तरह बंद होने की खबरें गलत हैं। ईरान के अनुसार, यह रास्ता केवल अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 8:29 AM
Story continues below Advertisement
अराघची ने कहा, 'यह केवल उन लोगों के लिए बंद है जो हम पर हमला कर रहे हैं'

Strait Of Hormuz: ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच वैश्विक ईंधन संकट गहराता जा रहा है। इस तनावपूर्ण माहौल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर ईरान की नीति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता सबके लिए बंद नहीं है, बल्कि केवल चुनिंदा देशों के लिए प्रतिबंधित है।

बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति का मुख्य रास्ता है। पिछले महीने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से तेहरान ने इस मार्ग पर नाकेबंदी सख्त कर दी है जिससे तेल और गैस की सप्लाई रुक गई है और पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं।

होर्मुज से कौन गुजर सकता है और कौन नहीं?


विदेश मंत्री अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज का रास्ता पूरी तरह बंद होने की खबरें गलत हैं। ईरान के अनुसार, यह रास्ता केवल अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। अराघची ने कहा, 'यह केवल उन लोगों के लिए बंद है जो हम पर हमला कर रहे हैं। अन्य देशों के व्यापारिक जहाज इस मार्ग से गुजरने के लिए स्वतंत्र हैं'। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि कई देश अपनी सुरक्षा चिंताओं के कारण खुद ही इस रास्ते का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, जिसका ईरान से कोई लेना-देना नहीं है।

भारत के लिए 'विशेष रियायत', नौसेना की सुरक्षा में निकले टैंकर

भारत और ईरान के पुराने संबंधों का असर समुद्र में भी देखने को मिल रहा है। भारत में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत के बीच एक बड़ी कामयाबी मिली है। 14 मार्च 2026 को भारतीय नौसेना की सुरक्षा में दो बड़े LPG टैंकर 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया। ये टैंकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के लिए गैस लेकर पश्चिमी भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने पुष्टि की है कि तेहरान ने भारत के साथ अपने विशेष संबंधों के कारण भारतीय जहाजों को इस 'नाकेबंदी' से छूट की अनुमति दी है।

सैकड़ों जहाज अब भी फंसे, हमलों का खतरा बरकरार

ईरान के दावों के बावजूद, होर्मुज में स्थिति सामान्य नहीं है। युद्ध शुरू होने के बाद से सैकड़ों मालवाहक जहाज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच फंसे हुए हैं।ईरान की सेना IRGC ने पहले ही साफ कर दिया है कि किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए पहले ईरान से आधिकारिक अनुमति लेनी होगी। ईरान ने हाल ही में थाईलैंड के एक जहाज पर हुए हमले सहित कई हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिससे अन्य देशों के जहाजों में खौफ बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- Benjamin Netanyahu: नेतन्याहू गायब है या उनकी मौत हो गई? इजरायल के PMO का आ गया ऑफिशियल बयान, जानिए कैसे शुरू हुआ था पूरा विवाद

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।