फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने शुक्रवार को कहा कि कमज़ोर रोज़गार बाज़ार जल्द ही फेड को ब्याज दरों में कटौती करने के लिए मजबूर कर सकता है। उन्होंने कहा कि कम दरें श्रम बाज़ार के लिए फ़ायदेमंद हो सकती हैं। फेड ने पिछले आठ महीनों से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। शुक्रवार को दिए गए अपने महत्वपूर्ण भाषण में पॉवेल ने चेतावनी दी कि बढ़ती महंगाई और कमजोर होते रोजगार बाजार के जोखिम ने "चुनौतीपूर्ण स्थिति" पैदा कर दी है।
जैक्सन होल इकोनॉमिक पॉलिसी सिम्पोजियम में पॉवेल ने कहा कि रोज़गार के लिए जोखिम बढ़ रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "उपभोक्ता कीमतों पर टैरिफ का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है," और आने वाले महीनों में भारी अनिश्चितता बनी रहेगी।
यूएस फेड के अध्यक्ष के रूप में यह पॉवेल का अंतिम भाषण है। निवेशकों नजर इस बात पर है कि ब्याज दरें किस दिशा में जा सकती हैं।
पॉवेल के भाषण ने बाजार में भरा जोश
गौरतलब है कि इस महीने के ज़्यादातर हिस्से में वॉल स्ट्रीट के ट्रेडर शेयरों और बॉन्ड में यह सोच कर निवेश करते रहे कि फ़ेडरल रिज़र्व आखिरकार ब्याज दरों में फिर से कटौती करने के लिए तैयार है। उन्हें बस जेरोम पॉवेल की हरी झंडी का इंतज़ार था। यह झंडी मिलते ही बाजार में तेजी बढ़ती दिखी।
शुक्रवार को बाजार को ठीक वही मिला जिसकी उसे तलाश थी। फेड अध्यक्ष ने अपने बहुप्रतीक्षित भाषण में अपेक्षा से कहीं अधिक नरम रुख अपनाते हुए अप्रैल के बाद से सबसे बड़ी क्रॉस-मार्केट उछाल को ट्रिगर कर दिया।
एसएंडपी 500 इंडेक्स ने पांच दिनों की गिरावट के बाद वापसी की और 1.7% तक की बढ़त दर्ज की, जबकि रसेल 2000 इंडेक्स ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और आर्थिक रूप से संवेदनशील शेयरों के दम पर 4 फीसदी तक की तेजी हासिल की। डॉलर में गिरावट आई और बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली संपत्तियों में भी तेजी देखने को मिली। पॉवेल के बयान से यह अनुमान लगाया जा रहा था कि केंद्रीय बैंक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए नीति का इस्तेमाल करेगा।