ईरान को लेकर आपस में भिड़ गए ट्रंप और नेतन्याहू, दोनों की बातचीत का ये विस्फोटक हिस्सा हुआ लीक!
Trump-Netanyahu Tense Call: ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले की योजना को रोक दिया था, जिसे 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' नाम दिया गया था। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी सहयोगियों के अनुरोध पर ट्रंप ने इस हमले को टाला है
इस लंबी बातचीत ने इजरायली पीएम नेतन्याहू को बुरी तरह निराश और परेशान कर दिया है
Trump-Netanyahu Conflict: ईरान के साथ जारी भयंकर तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच गहरा मतभेद खुलकर सामने आ गया है। दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई करीब एक घंटे की हाईटेंशन बातचीत लीक हो गई है, जिससे ये साफ हो गया है कि ईरान से जंग पर अगले कदम को लेकर दोनों देश एक रास्ते पर नहीं हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू ईरान पर तुरंत दोबारा विनाशकारी सैन्य हमले शुरू करने पर अड़े हुए हैं, जबकि ट्रंप कूटनीति और बातचीत को एक और मौका देना चाहते हैं। इस कॉल के बाद नेतन्याहू के गुस्से को बयां करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि, 'कॉल खत्म होने के बाद बीबी (नेतन्याहू) के बालों में आग लग गई थी यानी वे गुस्से से पागल हो गए थे।'
'बातचीत से नहीं, बमबारी से झुकेगा ईरान'
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट 'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, इस लंबी बातचीत ने इजरायली पीएम नेतन्याहू को बुरी तरह निराश और परेशान कर दिया है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि ईरान पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखना बेहद जरूरी है।
नेतन्याहू का तर्क है कि इस समय हमले करके ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर देना चाहिए और वहां की सत्ता को इतना कमजोर कर देना चाहिए कि वे घुटनों पर आ जाएं। उन्हें डिप्लोमैटिक बातचीत से कोई उम्मीद नहीं है।
दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि फिलहाल चल रही बातचीत से एक बड़ा और ऐतिहासिक समझौता निकाला जा सकता है। हालांकि, उन्होंने नेतन्याहू को यह भरोसा जरूर दिया कि अगर कूटनीति फेल होती है, तो मिलिट्री एक्शन का ऑप्शन हमेशा खुला है।
क्या है वो सीक्रेट 'लेटर ऑफ इंटेंट' जिससे भड़का इजरायल?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को एक सीक्रेट कूटनीतिक प्लान की जानकारी दी, जिससे इजरायल असहमत है। ट्रंप ने बताया कि कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थ इस समय एक 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर काम कर रहे हैं, जो युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने का रास्ता साफ करेगा।
क्या है इस शांति समझौते का रोडमैप
इस शुरुआती फ्रेमवर्क के साइन होते ही 30 दिनों का एक बातचीत का दौर शुरू होगा। इस बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह लगाम लगाने और ईरान द्वारा ब्लॉक किए गए 'होर्मुज' को दोबारा पूरी तरह खोलने पर फोकस किया जाएगा। नेतन्याहू का मानना है कि 30 दिन का समय पाकर ईरान खुद को दोबारा मजबूत कर लेगा।
'ऑपरेशन स्लेजहैमर' पर ट्रंप ने लगाया ब्रेक
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर होने वाले एक बड़े हमले की योजना को रोक दिया था, जिसे 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' नाम दिया गया था। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे खाड़ी सहयोगियों के अनुरोध पर ट्रंप ने इस हमले को टाला है।
इस समय पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र ने मिलकर एक संशोधित शांति प्रस्ताव तैयार किया है, ताकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच के मतभेदों को कम किया जा सके।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री इस समय तेहरान में हैं और मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं। ईरान अपनी 14 सूत्री मांगों पर अड़ा है, जिसमें उसकी फ्रीज संपत्ति को छोड़ना और ईरानी जहाजों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई को रोकना शामिल है।
ट्रंप का दावा- 'नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहूंगा'
भले ही बंद कमरों के पीछे दोनों नेताओं में तलवारें खिंची हों, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने पब्लिक के सामने दोनों देशों की एकजुटता का दावा किया है। कोस्ट गार्ड एकेडमी में बोलते हुए ट्रंप ने अपने ही अंदाज में कहा, 'नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं उनसे करने के लिए कहूंगा'।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं। अब इकलौता सवाल यही है कि क्या हम आगे बढ़कर इसे पूरी तरह खत्म कर दें, या वे (ईरान) समझौते के दस्तावेज पर दस्तखत करने जा रहे हैं। देखते हैं आगे क्या होता है।'