अब तो जो ट्रंप चाहते हैं वही होगा..., ईरान ने भी दिखाया नरम रुख; कभी भी आ सकती है गुड न्यूज

Trump Iran Peace Talks: ट्रंप ने कहा, 'हमें होर्मुज को हर हाल में खोलना है। हम कूटनीति को एक आखिरी मौका दे रहे हैं। हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं, लेकिन जैसे ही यह रास्ता खुलेगा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरेंगी'

अपडेटेड May 21, 2026 पर 9:53 AM
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अगर हमें ईरान की तरफ से सही जवाब नहीं मिलते हैं, तो चीजें बहुत तेजी से बदलेंगी

US-Iran War Update: मिडिल ईस्ट में जारी संकट और सीजफायर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक बेहद सख्त बयान सामने आया है। गुरुवार को वॉशिंगटन के पास जॉइंट बेस एंड्रयूज पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता इस समय बिल्कुल 'बॉर्डरलाइन' पर खड़ी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि कूटनीतिक बातचीत की खिड़की किसी भी समय बंद हो सकती है और अगर ईरान से '100 फीसदी सही जवाब' नहीं मिले, तो अमेरिका बेहद तेजी से दोबारा सैन्य हमले शुरू कर देगा।

'हम पूरी तरह तैयार हैं...'


ट्रंप ने बातचीत की मौजूदा स्थिति पर खुलकर बात की और कहा कि मामला इस समय 50-50 पर अटका हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह बिल्कुल बॉर्डरलाइन पर है, मेरा विश्वास करिए। अगर हमें ईरान की तरफ से सही जवाब नहीं मिलते हैं, तो चीजें बहुत तेजी से बदलेंगी। हमारी सेना और हम पूरी तरह से तैयार बैठे हैं। हमें ईरान से 100% सटीक और अच्छे जवाब चाहिए। अगर ऐसा होता है, तो हम बहुत सारा समय, ऊर्जा और मासूमों की जिंदगी बचा पाएंगे।'

ट्रंप ने आगे कहा कि अगर ईरान उनकी शर्तों को मान लेता है, तो यह समझौता "कुछ ही दिनों में" बेहद तेजी से फाइनल हो सकता है। लेकिन इसके लिए तेहरान को अपनी जिद छोड़नी होगी।

'मेरे पास जंग के अलावा कोई रास्ता नहीं था'

ईरान के साथ छह हफ्तों तक चली भीषण जंग को लेकर ट्रंप ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि उनके पास सैन्य कार्रवाई के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था क्योंकि तेहरान लगातार परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा था।

ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा, 'ईरान का परमाणु हथियार बनाने का यह मिशन अब बहुत जल्द खत्म होने जा रहा है, चाहे सीधे तरीके से हो या फिर दूसरे तरीके से।'

क्रूड ऑयल और होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा दावा

इस युद्ध के कारण दुनिया भर में मचे तेल संकट पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक बाजारों को एक बड़ी उम्मीद भी दी। उन्होंने कहा, 'ईरान द्वारा ब्लॉक किए गए होर्मुज में इस समय कच्चे तेल से लदे करीब 1600 जहाज फंसे हुए हैं और बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं।

ट्रंप ने कहा, 'हमें होर्मुज को हर हाल में खोलना है। हम कूटनीति को एक आखिरी मौका दे रहे हैं। हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं, लेकिन जैसे ही यह रास्ता खुलेगा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें धड़ाम से नीचे गिरेंगी।'

अमेरिकी प्रस्ताव पर जारी है चर्चा: ईरान

दूसरी तरफ, ईरान ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए अमेरिका द्वारा भेजे गए एक नए शांति प्रस्ताव की बारीकी से जांच कर रहा है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि उन्हें अमेरिकी पक्ष का दृष्टिकोण मिल गया है। हालांकि, ईरान ने अपनी पुरानी मांगें फिर दोहराई हैं, जिनमें विदेशों में फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों को तुरंत रिलीज करना और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करना शामिल है।

'दोबारा हमला हुआ तो अंजाम भुगतने होंगे'

शांति वार्ता के बीच ईरान के अंदर भी तनाव साफ देखा जा सकता है। तेहरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने वाशिंगटन पर आरोप लगाया कि ट्रंप एक तरफ बातचीत का नाटक कर रहे हैं और दूसरी तरफ युद्ध की धमकियां देकर जंग को दोबारा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।

गालिबाफ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने दोबारा मिसाइल दागीं, तो ईरान इसका 'करारा जवाब' देगा। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा है कि अगर इस बार युद्धविराम टूटा, तो यह जंग सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके खतरनाक परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने होंगे।

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