Donald Trump: ट्रंप ने फिर की आसिम मुनीर की तारीफ, बोले- 'समझौता हुआ तो जाऊंगा पाकिस्तान'

अल जजीरा के रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में एक "बड़ी सफलता" की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए हैं।

अपडेटेड Apr 17, 2026 पर 10:26 AM
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ट्रंप ने फिर की आसिम मुनीर की तारीफ

Donald Trump: अल जजीरा के रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारी तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में एक "बड़ी सफलता" की उम्मीद कर रहे हैं, क्योंकि इस्लामाबाद उस युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक प्रयासों को तेज कर रहा है जिसमें हजारों लोग मारे गए हैं।

बुधवार को यह उम्मीद तब और बढ़ गई जब सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। ईरान के सरकारी न्यूज चैनल ‘Press TV’ के अनुसार, यह टीम अमेरिकी नेतृत्व का मैसेज ईरान तक पहुंचाने के लिए गई है।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एयरपोर्ट पर आसिम मुनीर का स्वागत किया और पाकिस्तान की तरफ से बातचीत की मेजबानी करने के लिए आभार व्यक्त किया। प्रेस टीवी के अनुसार, मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के दूसरे दौर की नींव रखने की भी कोशिश कर रहे हैं।


अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारी “परमाणु मुद्दे पर बड़ी सफलता” की उम्मीद कर रहे हैं और प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए हैं। बता दें कि सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर बना हुआ है कि ईरान कब तक परमाणु संवर्धन की प्रक्रिया रोकेगा और उसके पास मौजूद 440 किलोग्राम ज्यादा शुद्ध यूरेनियम का क्या होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, "इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि ईरान अपने पास मौजूद 440 किलोग्राम परमाणु-संवर्धित सामग्री का क्या करेगा। कई विकल्प हैं - या तो इसे किसी तीसरे पक्ष को विदेश भेजना या इसे प्राकृतिक रूप में यूरेनियम में परिवर्तित करना या इसे 3 प्रतिशत तक संवर्धित करना।"

बता दें कि पाकिस्तान की यह शटल कूटनीति उस समय शुरू हुई, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। मध्यस्थ देश तीन मुख्य मुद्दों पर समझौता कराने के लिए दबाव बना रहे हैं: ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण - जिसे तेहरान ने प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया है, और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई।

ट्रंप का दावा, समझौते के बाद जा सकते हैं पाकिस्तान

वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। ट्रंप ने गुरुवार, 16 अप्रैल को कहा है कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के साथ कोई समझौता होता है और उस पर इस्लामाबाद में दस्तखत होते हैं, तो वह खुद पाकिस्तान जा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन्हें बेहद चाहता है और पाक अधिकारी चाहते हैं कि ट्रंप वहां जाए।

ट्रंप ने नेवादा और एरिजोना की यात्रा पर जाते समय, वाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि US और ईरान के बीच अगले हफ्ते खत्म होने वाले सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि ट्रंप ने आगे कहा कि हो सकता है कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत न पड़े। ट्रंप ने कहा, "अगर इस्लामाबाद में किसी समझौते पर दस्तखत होते हैं, तो मैं वहां जा सकता हूं।

ट्रंप ने की आसिम मुनीर की तारीफ

ट्रंप ने आगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ भी की। ट्रंप ने कहा, "फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी बहुत अच्छे हैं, इसलिए शायद मैं जाऊं। वे मुझे चाहते हैं।" ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ के तौर पर "बहुत शानदार" काम किया है और उसकी भूमिका काफी रचनात्मक रही है।

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