US Iran War: ट्रंप का बड़ा गेम! एक तरफ जंग खत्म करने की बात, दूसरी तरफ ईरान के परमाणु भंडार पर नजर

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है और अब सैन्य कार्रवाई को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को उठानी चाहिए, जो इस पर ज्यादा निर्भर हैं

अपडेटेड Mar 21, 2026 पर 7:10 PM
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US Iran War: ट्रंप का बड़ा गेम! एक तरफ जंग खत्म करने की बात, दूसरी तरफ ईरान का न्यूक्लियर मिशन जारी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार एक तरफ पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई कम करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के परमाणु सामान को सुरक्षित करने या अपने कब्जे में लेने की तैयारी भी तेज कर रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ऐसे विकल्पों पर विचार कर रहा है जिनमें उसकी स्पेशल कमांडो फोर्स (JSOC) को भेजकर ईरान के पास मौजूद हाई-लेवल यूरेनियम को ढूंढकर सुरक्षित किया जा सकता है। हालांकि अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, क्योंकि यह मिशन बेहद मुश्किल और खतरनाक हो सकता है।

ट्रंप ने दिए जंग कम करने के संकेत


ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है और अब सैन्य कार्रवाई को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन देशों को उठानी चाहिए, जो इस पर ज्यादा निर्भर हैं।

यानी अमेरिका एक साथ दो रणनीति पर काम कर रहा है- एक तरफ लक्ष्य हासिल करना और दूसरी तरफ पीछे हटने की तैयारी करना।

अब फोकस बदला: सेना से परमाणु पर

शुरुआत में इस जंग का फोकस ईरान की सेना, मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस को कमजोर करना था। लेकिन अब ध्यान इस बात पर आ गया है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

लगातार हमलों के बावजूद ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से जवाब देना जारी रखा है और समुद्री रास्तों को भी प्रभावित किया है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की चिंता बढ़ गई है।

बेहद खतरनाक मिशन

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका ईरान के परमाणु सामान को कब्जे में लेने की कोशिश करता है, तो यह बहुत जोखिम भरा होगा।

यूरेनियम को खास तरीके से संभालना पड़ता है। यह अक्सर जमीन के अंदर मजबूत ठिकानों में रखा होता है।

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने भी कहा है कि यह काम संभव तो है, लेकिन काफी मुश्किल और खतरनाक है।

आगे क्या होगा?

अभी स्थिति साफ नहीं है कि अमेरिका क्या करेगा। एक तरफ ट्रंप जंग कम करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ऐसी योजनाएं भी बन रही हैं जो बड़े सैन्य कदम की ओर इशारा करती हैं।

आखिर में अमेरिका पीछे हटता है या फिर कोई बड़ा ऑपरेशन करता है- इस पर ही तय होगा कि यह जंग आगे कैसे बढ़ेगी और पूरे क्षेत्र की स्थिति कैसी रहेगी।

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