मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान में अब हमला करने के लिए “लगभग कुछ भी बाकी नहीं बचा”, इसलिए यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। ट्रंप ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य कार्रवाई ने अपने लगभग सभी लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। उन्होंने कहा, “अब बस थोड़ा-बहुत ही बाकी है… जब मैं चाहूं, यह युद्ध खत्म हो सकता है।”
हालांकि अमेरिका के इस बयान के बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने साफ कर दिया कि युद्ध अभी रुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल तब तक लड़ाई जारी रखेगा, जब तक उसके सभी सैन्य लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते और वो निर्णायक जीत हासिल नहीं कर लेता।
तेल और गैस की कीमतों से दुनिया में चिंता
इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। कई ऊर्जा कंपनियों ने खाड़ी क्षेत्र में अपने ऑपरेशन बंद कर दिए हैं।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) लगभग बंद हो चुका है। इसी रास्ते से दुनिया की करीब 20% तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है।
ईरान ने संभाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नियंत्रण
ईरान की ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समुद्री रास्ते पर नियंत्रण कर लिया है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ईरान ने इस समुद्री रास्ते में माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाना शुरू कर दिया है।
ऑपरेशन में बड़ी सफलता का दावा
व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका का सैन्य अभियान Operation Epic Fury काफी सफल रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि युद्ध तब खत्म होगा, जब अमेरिका के लक्ष्य पूरे हो जाएंगे और ईरान आत्मसमर्पण कर देगा।
समुद्र में भी बढ़ रहे हमले
इस बीच खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं।
इन घटनाओं से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है।
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का यह युद्ध अब सिर्फ सैन्य संघर्ष नहीं बल्कि वैश्विक तेल, गैस और व्यापार को प्रभावित करने वाला बड़ा संकट बनता जा रहा है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय तक बंद रहा, तो इसका बहुत गंभीर असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।