Iran-US War: ईरान से अब आर-पार के मूड में ट्रंप, अमेरिकी नेवी ने होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने के लिए भेजे रोबोट
Iran-US War: अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य से उन बारूदी सुरंगों को हटाने में मदद के लिए समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है जिले ईरान की तरफ से लगाया गया है। इसका मकसद इस जलमार्ग पर ईरान की पकड़ को ढीला करना और इसे फिर से कमर्शियल जहाजों के लिए खोलना शुरू करना है
Iran-US War: होर्मुज जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस गुजरता है
Iran-US War: अमेरिकी नौ सेना होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) में स्थित समुद्री सुरंगें हटाने के लिए समुद्री ड्रोन और अन्य रोबोटिक सिस्टम तैनात कर रही है। वॉशिंगटन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के जरिए कमर्शियल शिपिंग को फिर से शुरू करना चाहता है। अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने बताया कि US नेवी उन समुद्री सुरंगों का पता लगाने के लिए इंसानों द्वारा संचालित और बिना इंसानों के चलने वाली ड्रोन का उपयोग कर रही है। ये इस संकरे जलडमरूमध्य को रोक सकती हैं।
इस जलडमरूमध्य से आमतौर पर दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस गुजरता है। नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि यह प्रयास एक बड़े समुद्री सुरंग के खिलाफ अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इस रूट्स को फिर से खोलना है।
सैन्य विश्लेषकों ने अखबार को बताया कि समुद्र तल की शुरुआती जांच बिना इंसानों के चलने वाले पानी के नीचे के वाहनों का उपयोग करके तेजी से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक बार जब कोई समुद्री सुरंग मिल जाती है, तो उन्हें नष्ट करने के लिए विशेष समुद्री रोबोट भेजे जा सकते हैं।
शिपिंग चैनल का होगा सर्वे
अमेरिकी नेवी के पूर्व वाइस एडमिरल केविन डोनेगन ने कहा कि ऐसे सिस्टम का उपयोग करके एक छोटे शिपिंग चैनल का सर्वे हफ्तों में में नहीं, बल्कि दिनों में किया जा सकता है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब US और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद रहा। तेहरान ने कहा है कि जब तक वॉशिंगटन ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी नहीं हटा लेता, तब तक वह सामान्य ट्रैफिक को फिर से शुरू करने की अनुमति नहीं देगा।
ईरान ने कुछ समय के लिए खोला था होर्मुज
शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई से जुड़े एक सीजफायर के बाद ईरान ने कुछ समय के लिए जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया था। इससे स्थिरता की उम्मीदें बढ़ीं और वैश्विक तेल की कीमतें कम हुईं। हालांकि, एक दिन बाद ही ईरान ने अपना फैसला पलट दिया। तेहरान ने जहाजों को मुख्य चैनलों से बचने तथा इसके बजाय अपनी तटरेखा के करीब वाले रूट्स का पालन करने की चेतावनी दी, जिसका कारण उसने समुद्री सुरंगों का खतरा बताया।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। लेकिन यह अभी भी किसी अंतिम समझौते से बहुत दूर है। दो हफ्ते का संघर्ष-विराम बुधवार को समाप्त होने वाला है। फिलहाल, इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जारी है। लेकिन उन्होंने तेहरान को जलडमरूमध्य का उपयोग सौदेबाजी के हथियार के रूप में न करने की चेतावनी दी। ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान पहुंचेंगे। ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान अमेरिकी प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो वह ईरान को नष्ट कर देंगे।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की धमकी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नेवी ने अरब सागर में एक ईरानी जहाज को जब्त कर लिया है। इसके बाद ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी सेना द्वारा किए गए सशस्त्र समुद्री डकैती के खिलाफ ईरान जल्द ही जवाब देगा। ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों द्वारा एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर गोलीबारी करने, उसके नेविगेशन सिस्टम को निष्क्रिय करने और सशस्त्र कमांडो के साथ उस पर चढ़ाई करने के बाद ईरान अमेरिकी सशस्त्र समुद्री डकैती का जल्द जवाब देगा।
यह जानकारी एमवीएफ ने प्रेस टीवी के हवाले से दी। सरकारी आईआरआईबी और अर्ध-आधिकारिक मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि इसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले किए, जिसके चलते अमेरिकी बलों को पीछे हटना पड़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक ईरानी-झंडे वाले मालवाहक जहाज को जबरन कब्जे में ले लिया, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के एक गाइडेड मिसाइल विध्वंसक ने इंजन में छेद करके उसे वहीं रोक दिया। वह जहाज अमेरिकी मरीन के कब्जे में है। ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि देश ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है, जो कथित तौर पर जल्द ही पाकिस्तान में होने वाली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष ने जोर देकर कहा है कि जब तक अमेरिका की ईरान-विरोधी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। रविवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि ईरान के बंदरगाहों और तटरेखा पर अमेरिका की अवैध और आपराधिक नाकेबंदी दोनों देशों के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का उल्लंघन है।