अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 अगस्त को ऐसी बात कही, जो शांतिप्रिय लोगों को पसंद आएगी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और रूस मिल जाएं तो हर हफ्ते हजारों लोगों की मौतें रुक सकती हैं। उन्होंने यह बात अलास्का में रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत के बाद कही। दोनों नेताओं के बीच अलास्का में करीब 3 घंटों तक बातचीत हुई। हालांकि, इसमें रूस और युक्रेन के बीच बीते तीन साल से ज्यादा समय से चल रही लड़ाई को रोकने पर सहमति नहीं बनी। लेकिन, दोनों नेताओं ने बातचीत को सार्थक बताया।
ट्रंप ने दुनिया में शांति कायम करने की जताई इच्छा
अलास्का में बातचीत के बाद ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में Donald Trump ने दावा किया कि अगर अमेरिका और रूस दोनों एक्शन लेने को तैयार हो जाते हैं तो हर हफ्ते हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने पुतिन को भी इस पर गौर करने को कहा। ट्रंप ने कहा, "हम हर हफ्ते 5,000, 6,000 या 7,000 लोगों को मरने से बचा सकते हैं। प्रेसिडेंट पुतिन भी इस बारे में वही चाहते हैं जो मैं चाहता हूं।" ट्रंप का यह बयान दुनिया में अमन-चैन के लिहाज से काफी अहम है।
रूस-यूक्रेन लड़ाई रोकने पर नहीं बन सकी बात
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अलास्का में बातचीत में कई मसलों पर सहमति बनी। लेकिन, उन्होंने यह माना कि कुछ प्रमुख मसलों का समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि हमारी बातचीत काफी सार्थक रही। कई ऐसे प्वाइंट्स हैं, जिन पर सहमति बनी। लेकिन कुछ मसलों पर अब भी काम करने की जरूरत है। हमारे बीच कोई डील होने के बाद ही कोई डील मानी जाएगी। मैं नाटो और दूसरे पक्षों से बातचीत करूंगा। मैं प्रेसिडेंट जेलेंस्की से भी बातचीत करूंगा। उन्हें आज की मीटिंग के बारे में बताउंगा। आखिर में सब उन पर निर्भर है।"
ट्रंप रूस के साथ मिलकर आगे बढ़ने को तैयार
ट्रंप ने अमेरिका और रूस के अधिकारियों की कोशिश की तारीख की। उन्होंने कहा, "उन लोगों को ट्रंप प्रशासन के बड़े अधिकारियों से सहमत होना पड़ेगा, जिनमें मार्के, स्टीव, स्कॉट और जॉन शामिल हैं। हमारे लीडर्स ने शानदार काम किया है। यहां कई रूसी बिजनेस रिप्रजेंटेटिव मौजूद हैं। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति हमारे साथ मिलकर काम करना चाहता है। अचानक हम दुनिया में सबसे पसंदीदा देश बन गए है। हम चीजों में सुधार के लिए मिलकर काम करने को तैयार हैं। आज हमने अच्छी प्रगति हासिल की है।"