भारत को लेकर फिर ऊटपटांग बोल गए ट्रंप! बर्थराइट सिटीजनशिप पर शेयर किया माइकल सैवेज का विवादित पोस्ट

US Birthright Citizenship Controversy: रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने सीधा आरोप लगाया है कि भारत और चीन जैसे देशों के लोग अमेरिकी व्यवस्था का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोग अमेरिका सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि यहां बच्चा पैदा कर सकें। वह बच्चा अमेरिकी नागरिक बन जाता है और फिर वे अपनी पूरी फैमिली को भारत, चीन या दुनिया के किसी भी 'नरक जैसे देश' से यहां बुला लेते हैं

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 12:43 PM
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उन्होंने यह भी कहा कि भारत उन देशों की सूची में शामिल है जो इस सिस्टम का सबसे ज्यादा 'दुरुपयोग' कर रहे हैं

Trump Immigration Post: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नागरिकता और प्रवासियों को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर रेडियो होस्ट माइकल सैवेज (Michael Savage) का एक पत्र और बयान शेयर किया है, जिसमें भारत और चीन का नाम लेकर 'बर्थराइट सिटीजनशिप' यानी जन्म के आधार पर नागरिकता पर तीखा हमला किया गया है।

'बच्चा पैदा करो और पूरी फैमिली ले आओ'

रेडियो होस्ट माइकल सैवेज ने अपने वीडियो में सीधा आरोप लगाया है कि भारत और चीन जैसे देशों के लोग अमेरिकी व्यवस्था का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोग अमेरिका सिर्फ इसलिए आते हैं ताकि यहां बच्चा पैदा कर सकें। वह बच्चा अमेरिकी नागरिक बन जाता है और फिर वे अपनी पूरी फैमिली को भारत, चीन या दुनिया के किसी भी 'नरक जैसे देश' (Hell-hole) से यहां बुला लेते हैं। सैवेज ने दावा किया कि अमेरिका के लगभग सभी इंटरनल सिस्टम अब भारतीयों और चीनियों द्वारा चलाए जा रहे हैं।


भारतीयों के लिए नौकरी के अवसर पर भी उठाए सवाल

सैवेज ने अमेरिका में रोजगार के पैटर्न पर भी विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज अमेरिका में आम नागरिक के लिए मौके खत्म हो गए हैं। अगर आपको मौका चाहिए, तो आपका भारत या चीन से होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत उन देशों की सूची में शामिल है जो इस सिस्टम का सबसे ज्यादा 'दुरुपयोग' कर रहे हैं।

'मेल्टिंग पॉट' खत्म, खतरे में है स्थानीय लोगों की पहचान

इमिग्रेशन पर हमला करते हुए सैवेज ने तर्क दिया कि अमेरिका अब 'मेल्टिंग पॉट' यानी विभिन्न संस्कृतियों का मिलन स्थल नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि नए प्रवासी समूह पहले के यूरोपीय प्रवासियों की तरह अमेरिकी समाज में घुल-मिल नहीं रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण देश की पहचान बदल रही है और प्रवासी समुदायों में देश के प्रति वफादारी कम हो रही है।

कोर्ट नहीं, जनता करे फैसला

माइकल सैवेज ने अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) को 'सांप का फन' बताया और कहा कि इसके वकील देश को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि 'बर्थराइट सिटीजनशिप' का फैसला अदालतों के बजाय पब्लिक वोट के जरिए होना चाहिए। उन्हें यकीन है कि जनता प्रतिबंधों का समर्थन करेगी।

ट्रंप भी कर चुके हैं विरोध

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस वीडियो को रीपोस्ट करना उनके पुराने रुख की पुष्टि करता है।फिलहाल जन्म के आधार पर नागरिकता का मुद्दा अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में है। वैसे ट्रंप पहले भी इसके मौजूदा स्वरूप की आलोचना कर चुके हैं। ट्रंप का मानना है कि जो लोग अवैध रूप से या अस्थायी रूप से अमेरिका में हैं, उनके बच्चों को अपने आप नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए। यह मुद्दा उनके राजनीतिक एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा रहा है।

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