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AI पर बहस तेज, Trump ने कहा निगेटिव ताकतें कर रही शिकायतें, गंभीर है मामला

Danger of AI: एक तरफ दिग्गज एआई कंपनी एंथ्रॉपिक ने एआई की रफ्तार सुस्त करने की वकालत की और इसे एलॉन मस्क-सैम आल्टमैन जैसे दिग्गजों का सपोर्ट मिल गया। अब ट्रंप का कहना है कि बहुत निगेटिव ताकतें एआई को लेकर काफी चिंता जता रहे हैं। जानिए पूरा मामला क्या है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Sep 14, 2026 पर 8:23 AM
AI पर बहस तेज, Trump ने कहा निगेटिव ताकतें कर रही शिकायतें, गंभीर है मामला
अमेरिका में एआई को लेकर सार्वजनिक बहस तब तेज हो गई जब एंथ्रॉपिक (Anthropic) के दो रिसर्चर्स ने चेतावनी दी कि तेजी से आगे बढ़ रही यह टेक्नोलॉजी भविष्य में कभी भी इंसानी नस्ल को खत्म कर सकती है। (File Photo- Pexels)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की शिकायत करने वालों की तुलना बहुत नकारात्मक ताकतों से की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग उन परिस्थितियों की बात कर रहे हैं, जो वास्तव में होने वाली नहीं हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अमेरिका एआई इंडस्ट्री में दुनिया में सबसे आगे बना रहे। उन्होंने ये बातें आयरलैंड गोल्फ कोर्स में रिपोर्टर्स के सवालों के जवाब में कही। न्यूज एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक उनसे जब पूछा गया कि क्या एआई इंडस्ट्री की रफ्तार सुस्त करनी चाहिए या इसके नियम अधिक सख्त होने चाहिए तो उन्होंने कहा कि अमेरिका एआई की रेस में चीन से आगे है और वह चाहते हैं कि ऐसा ही बना रहे क्योंति जो एआई की रेस में जीतेगा, वही जीत हासिल करेगा।

क्या नियम होंगे सख्त?

ट्रंप से नियमों की सख्ती को लेकर भी पूछा गया था तो उन्होंने इसका जवाब दिया कि इसे लेकर विचार किया जा सकता है यानी कि कुछ गार्डरेल्स यानी सुरक्षा नियम लागू किए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि कई निगेटिव लोग ऐसी बातें कर रहे हैं, जो गैर-जरूरी हैं और वे ऐसी चीजों की बात कर रहे हैं, जो होने ही वाली नहीं हैं। बता दें कि ट्रंप लंबे समय से एआई को लेकर बढ़ती चिंताओं को हवा देने से बचते रहे हैं।

अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप सरकार ने एआई कंपनियों को को सपोर्ट किया है और कंपनियों से भी ट्रंप को सपोर्ट मिला है। एआई कंपनियों ने अमेरिका में हो रहे 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट्स पर भारी-भरकम पैसा लगाया है। इस चुनाव से यह तय होगा कि अमेरिकी कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।

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