अमेरिका में हलचल तेज, ट्रंप और मिलिट्री के बड़े अफसरों ने कैंसिल की अपनी ट्रिप! ईरान पर इस बार क्या करने की तैयारी?

Trump Planning Iran Strikes: ट्रंप ने देश की सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल नेशनल सिक्योरिटी मीटिंग की। इस आपातकालीन बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स शामिल थीं। उधर ईरान ने फिर बड़े स्तर पर ड्रोन प्रोडक्शन शुरू कर दिया है

अपडेटेड May 23, 2026 पर 12:48 PM
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हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वीकेंड के अपने सारे दौरे रद्द कर दिए हैं और वे व्हाइट हाउस लौट आए हैं

US Iran War Tension: मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान के साथ चल रही राजनयिक बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर एक और बड़ा सैन्य हमला करने पर बेहद गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

'एक्सियोस' की रिपोर्ट के अनुसार, तनाव इस कदर बढ़ चुका है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे चल रही बातचीत की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है, जिसके चलते किसी भी वक्त इस पूरे क्षेत्र में दोबारा महायुद्ध छिड़ सकता है।

सारे दौरे रद्द कर व्हाइट हाउस में ट्रंप ने बुलाई हाई-लेवल बैठक


हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने इस वीकेंड के अपने सारे दौरे रद्द कर दिए हैं और वे व्हाइट हाउस लौट आए हैं। शुक्रवार को ट्रंप ने देश की सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल नेशनल सिक्योरिटी मीटिंग की।

इस आपातकालीन बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूजी विल्स शामिल थीं।

अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक में ट्रंप को कई मिलिट्री ऑप्शन्स और प्लान्स के बारे में ब्रीफिंग दी गई कि अगर शांति वार्ता पूरी तरह फेल होती है, तो अमेरिका का अगला कदम क्या होगा।

पाकिस्तान और कतर की आखिरी कोशिश, तेहरान पहुंचे मध्यस्थ

एक तरफ जहां युद्ध के नगाड़े बज रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक रास्ते से शांति बहाल करने की आखिरी कोशिशें भी जारी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अचानक तेहरान पहुंचे हैं। वे वहां ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) के जनरल अहमद वाहिदी से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच मतभेदों को दूर करने की आखिरी कोशिश कर रहे हैं।

कतर की भी एक हाई-लेवल टीम भी मध्यस्थता के लिए ईरान की राजधानी पहुंच चुकी है। वैसे वार्ता से जुड़े एक अमेरिकी अधिकारी ने इस बातचीत को 'बेहद दर्दनाक' और थका देने वाला बताया है, क्योंकि हर दिन दोनों देशों के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान तो हो रहा है, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही है।

'जब तक युद्ध खत्म नहीं होता, कोई और बात नहीं'

इरानी अधिकारियों और वहां की मीडिया ने भी माना है कि बातचीत जारी है, लेकिन समझौता अभी बहुत दूर है। ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि उनका पूरा ध्यान अभी केवल 'युद्ध को पूरी तरह खत्म करने' पर है और जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक किसी अन्य मुद्दे पर कोई समझौता या बातचीत नहीं की जाएगी।

पहले कूटनीति, अब हमले की तरफ झुके ट्रंप!

सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत की सुस्त रफ्तार से लगातार नाराज और हताश हो रहे हैं। इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा था कि वे डिप्लोमेसी को एक और मौका देना चाहते हैं। लेकिन गुरुवार की रात तक उनका मन बदल गया और वे मिलिट्री एक्शन की तरफ ज्यादा झुकते दिखे।

ट्रंप के करीबी सूत्रों का कहना है कि वे एक आखिरी और 'निर्णायक सैन्य अभियान' पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि इस युद्ध को तुरंत खत्म करके अपनी बड़ी जीत का ऐलान कर सकें।

ईरान ने फिर शुरू किया ड्रोन प्रोडक्शन: CNN का बड़ा दावा

इस तनाव के बीच सीएनएन ने खुफिया सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के साथ एक्टिव संघर्ष रुकने के बाद ईरान ने उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से अपने सैन्य बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा कर लिया है। ईरान ने अपने ड्रोन प्रोडक्शन नेटवर्क और सैन्य-औद्योगिक गतिविधियों को फिर से एक्टिव कर दिया है, जिसने अमेरिका की चिंता को और बढ़ा दिया है।

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