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अमेरिकी फेड के प्रमुख Jerome Powell का धमाकेदार खुलासा, अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स धड़ाम

Trump vs Powell: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी फेड के प्रमुख जेरोम पॉवेल के बीच की तकरार ने पिछले साल अमेरिकी स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा दिया था। ट्रंप के मुताबिक अभी उन्होंने पॉवेल को लेकर कुछ नहीं किया है लेकिन पॉवेल के एक बयान ने फिर अमेरिकी स्टॉक मार्केट में खलबली मचा दी और अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स धड़ाम हो गया। जानिए ऐसा क्या कहना जेरोम पॉवेल ने?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 12, 2026 पर 9:48 AM
अमेरिकी फेड के प्रमुख Jerome Powell का धमाकेदार खुलासा, अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स धड़ाम
Trump vs Powell: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने धमाकेदार खुलासा किया कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू हुई है। इसके चलते अमेरिकी समय के हिसाब से रविवार देर रात के कारोबार में वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स फिसल गया।

Trump vs Powell: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) ने धमाकेदार खुलासा किया कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू हुई है। इसके चलते अमेरिकी समय के हिसाब से रविवार देर रात के कारोबार में वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स फिसल गया। एक हफ्ते में तेजी के बाद यह लगभग स्थिर खुला था लेकिन फिर जेरोम पॉवेल के खुलासे पर यह करीब 220 प्वाइंट्स टूट गया। एसएंडपी फ्यूचर्स भी करीब 35 प्वाइंट्स को नास्डाक का फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट्स टूट गया। जेरोम पॉवेल ने X (पूर्व नाम Twitter) पर फेडरल रिजर्व के आधिकारिक हैंडल पर एक वीडियो मैसेज के जरिए अपने खिलाफ आपराधिक जांच शुरू होने का खुलासा किया।

क्या है जेरोम पॉवेल के वीडियो मैसेज में?

जेरोम पॉवेल का कहना है कि उनके खिलाफ आपराधिक जांच इस वजह से शुरू हुई है क्योंकि फेड ने ब्याज दरें तय करते समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं को मानने की बजाय आम लोगों की भलाई को पहले देखा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने फेडरल रिज़र्व को ग्रैंड जूरी समन भेजा, जिसमें पिछले साल जून में सीनेट बैंकिंग कमेटी के सामने उनकी गवाही को लेकर उन्हें आपराधिक कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी, फेडरल रिज़र्व का चेयरमैन भी कानून से ऊपर नहीं है, लेकिन जिस तरीके से उनके खिलाफ डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने कदम उठाया है, उसे प्रशासन की धमकियों और लगातार दबाव के तौर पर देखा जाना चाहिए।

क्या कहना है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का?

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