'नहीं दे सकते सुरक्षा की गारंटी, खुद करें निकलने का इंतजाम', इजरायल में फंसे अमेरिकियों को दूतावास का जवाब

US Embassy Israel Evacuation: अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे निकासी अभियान नहीं चला रहे हैं। दूतावास ने कहा, 'हम इस समय इजरायल छोड़ने के इच्छुक अमेरिकियों को बाहर निकालने या सीधे सहायता देने की स्थिति में नहीं हैं'

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 4:06 PM
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मिडिल ईस्ट के लगभग सभी प्रमुख देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहा है

US Embassy: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी सरकार ने इजरायल में फंसे अपने ही नागरिकों को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी दूतावास ने एक हैरान करने वाली एडवायजरी जारी करते हुए कहा है कि वह फिलहाल अमेरिकियों को इजरायल से बाहर निकालने या उनकी सीधे मदद करने की स्थिति में नहीं है। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे निकासी अभियान नहीं चला रहे हैं। दूतावास ने कहा, 'हम इस समय इजरायल छोड़ने के इच्छुक अमेरिकियों को बाहर निकालने या सीधे सहायता देने की स्थिति में नहीं हैं।'

दूतावास ने सुझाव दिया है कि नागरिक इजरायल के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही शटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं, जो 2 मार्च से 'ताबा बॉर्डर क्रॉसिंग' (मिस्र की सीमा) तक जा रही हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दूतावास ने साफ कर दिया कि अगर नागरिक इस शटल सेवा का उपयोग करते हैं, तो 'अमेरिकी सरकार आपकी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकती।'

'तुरंत निकलें...', 15 देशों के लिए जारी किया रेड अलर्ट


अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने न केवल इजरायल, बल्कि मिडिल ईस्ट के लगभग सभी प्रमुख देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहा है। काउंसलर मामलों की सहायक सचिव मोरा नामदार ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'गंभीर सुरक्षा जोखिमों के कारण नागरिक उपलब्ध कमर्शियल ट्रांसपोर्ट का उपयोग कर अभी निकलें।' इस चेतावनी में बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, यूएई और यमन शामिल हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का हथियारों पर बड़ा बयान

इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध के कारण अमेरिका के हथियारों का स्टॉक उस स्तर पर नहीं है जहां उसे होना चाहिए। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि सबसे आधुनिक हथियारों की सप्लाई वैसी नहीं है जैसी वे चाहते थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास 'मिड-ग्रेड' हथियारों का इतना भंडार है कि वे इनके दम पर 'हमेशा के लिए' और सफलतापूर्वक युद्ध लड़ सकते हैं, क्योंकि ये हथियार भी दुनिया के अन्य देशों के बेहतरीन हथियारों से बेहतर हैं।

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