US Iran Conflict: समंदर में दुश्मनों से नहीं, अपने ही 'टॉयलेट' से जंग लड़ रहा अमेरिका का जंगी जहाज USS गेराल्ड आर. फोर्ड, चॉक हुए पाइप!

US Iran Conflict: दुनिया के सबसे महंगे और ताकतवर अमेरिकी जंगी जहाज को लेकर एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। 13 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) की लागत से बना USS गेराल्ड आर. फोर्ड इस वक्त समंदर में दुश्मनों से नहीं, बल्कि अपने ही 'टॉयलेट' से जंग लड़ रहा है

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 9:06 PM
Story continues below Advertisement
US Iran Conflict: समंदर में दुश्मनों से नहीं, अपने ही 'टॉयलेट' से जंग लड़ रहा अमेरिका का जंगी जहाज USS गेराल्ड आर. फोर्ड

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'अगले 10 दिनों' की चेतावनी दे रखी है। लेकिन इस महायुद्ध की तैयारी के बीच, अमेरिका का सबसे एडवांस एयरक्राफ्ट कैरियर, USS गेराल्ड आर. फोर्ड, एक अजीबोगरीब मुसीबत में फंस गया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस परमाणु ऊर्जा से चलने वाले जहाज का सीवेज सिस्टम (Toilet System) बार-बार फेल हो रहा है।

दुनिया के सबसे महंगे और ताकतवर अमेरिकी जंगी जहाज को लेकर एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर आप अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। 13 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) की लागत से बना USS गेराल्ड आर. फोर्ड इस वक्त समंदर में दुश्मनों से नहीं, बल्कि अपने ही 'टॉयलेट' से जंग लड़ रहा है।

करोड़ों का जहाज, पर पाइप निकले 'पतले'


NPR और दूसरी कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सुपरकैरियर में क्रूज जहाजों वाली 'वैक्यूम तकनीक' का इस्तेमाल किया गया था ताकि पानी कम खर्च हो। लेकिन हुआ इसके ठीक उल्टा:

  • तंग पाइप: 4,600 से ज्यादा सैनिकों की गंदगी को झेलने के लिए पाइप बहुत पतले साबित हो रहे हैं।
  • 205 बार खराबी: सिर्फ 4 दिनों के भीतर जहाज पर सीवेज से जुड़ी 205 खराबियां दर्ज की गईं।
  • 19 घंटे की ड्यूटी: आलम यह है कि जहाज के इंजीनियर 19-19 घंटे तक पाइप खोलने और गंदगी साफ करने में लगे हुए हैं।

साफ करने का खर्चा भी है भारी

अगर आप सोचते हैं कि घर का प्लंबर इसे ठीक कर देगा, तो आप गलत हैं।

Forbes की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाइप में जमी गंदगी को साफ करने के लिए एक खास 'एसिड फ्लश' करना पड़ता है, जिसका एक बार का खर्चा करीब 3.3 करोड़ रुपए ($400,000) आता है। 2025 में ही इस समस्या को ठीक करने के लिए बाहर से 32 बार तकनीकी मदद बुलानी पड़ी।

सैनिकों का टूट रहा है हौसला!

एक तरफ ईरान के साथ युद्ध की धमकियां मिल रही हैं, तो दूसरी तरफ समंदर के बीचों-बीच सैनिक बदबू और टॉयलेट ओवरफ्लो से परेशान हैं।

यह जहाज पिछले काफी समय से समंदर में है, जिसने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को पकड़ने में भी भूमिका निभाई थी। अब इसकी तैनाती और बढ़ा दी गई है, जिससे सैनिक बुरी तरह चिढ़ गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि 13 अरब डॉलर के जहाज पर ऐसी समस्या होने से सैनिकों का हौसला टूटता है।

क्या युद्ध पर पड़ेगा असर?

अमेरिकी नौसेना का कहना है कि टॉयलेट की समस्या से जहाज की 'फाइटिंग पावर' पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन ट्रंप की 10 दिनों वाली चेतावनी और गुरुवार को जिनेवा में होने वाली बातचीत के बीच, इस खबर ने सोशल मीडिया पर खूब चटकारे लिए जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि अगर 'सही डील' नहीं हुई तो "कुछ बहुत बुरा हो सकता है।

ईरान-चीन की 'सीक्रेट' डील से अमेरिका में हड़कंप: समंदर के रास्ते आएगा 'सुपरसोनिक' काल, क्या अब छिड़ेगी महाजंग?

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।