पाकिस्तान ने उधारी में कराई US-ईरान की बातचीत, नहीं चुका पाया सेरेना होटल का बिल!

US-Iran Talks Islamabad: पाकिस्तानी सरकार ने बातचीत के लिए चुने गए लग्जरी सेरेना होटल इस्लामाबाद का बिल तक नहीं चुकाया। होटल का बिल अटक जाने से बहुत अजीब स्थिति पैदा हो गई। यह घटना अब पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 6:01 PM
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US-Iran Talks: पाकिस्तान उधारी में 'शांतिदूत' बनने चला, जिस सेरेना होटल में कराई US-ईरान की बातचीत, नहीं चुका पाया उसका बिल

जो बात पाकिस्तान के लिए कूटनीति की बड़ी जीत और शानदार प्रदर्शन बनने वाली थी, वो उल्टा पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदगी का सबब बन गई। 10 से 12 अप्रैल 2026 तक इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत को पाकिस्तान ने बड़े गर्व से होस्ट किया था। पाकिस्तान खुद को दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बताना चाहता था। लेकिन बातचीत खत्म होने के बाद एक अजीब विवाद सामने आ गया।

पाकिस्तानी सरकार ने बातचीत के लिए चुने गए लग्जरी सेरेना होटल इस्लामाबाद का बिल तक नहीं चुकाया। होटल का बिल अटक जाने से बहुत अजीब स्थिति पैदा हो गई। यह घटना अब पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।

होटल के मालिक को खुद चुकाना पड़ा सारा पैसा!


CNN-News18 ने खुफिया सूत्रों के हवाले से बताया, स्थिति इतनी बिगड़ गई कि होटल के मालिक, जो आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क से जुड़े हैं, उन्हें खुद आगे आकर बिल चुकाना पड़ा।

यह घटना कूटनीतिक और नीति-निर्माण वाले लोगों में काफी चर्चा का विषय बन गई है। जो बात पाकिस्तान की विदेश नीति की बड़ी सफलता बननी थी, वो पब्लिक रिलेशंस की बड़ी असफलता साबित हुई।

इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन को पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और ईरान के बीच विश्वसनीय मध्यस्थ साबित करने का बड़ा मौका बताया था। 5-स्टार सेरेना होटल में बातचीत कराकर वो दुनिया को अपनी स्थिरता और क्षमता दिखाना चाहता था।

लेकिन रोजमर्रा के बिल चुकाने में भी नाकामी ने पाकिस्तान की कूटनीतिक महत्वाकांक्षा और उसकी आर्थिक हकीकत के बीच बड़े अंतर को उजागर कर दिया।

पाकिस्तानी सरकार छोटे-मोटे बिल भी नहीं भर पाती!

एक शीर्ष खुफिया सूत्र ने कहा, “एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान यह बुनियादी नाकामी साफ दिखाती है कि पाकिस्तानी सरकार छोटे-मोटे बिल भी ठीक से नहीं चुका पाता।”

मेजबान देश का बिल न चुकाना, खासकर जब पूरी दुनिया की नजरें वहां टिकी हों, ने पाकिस्तान की प्रशासनिक और आर्थिक कमजोरी को और उजागर कर दिया है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान अभी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की नजर में है और लगातार आर्थिक दबाव झेल रहा है। महंगाई 7 से 9 प्रतिशत के बीच बताई जा रही है। ऐसे में होटल का बिल न चुकाना बड़ी समस्या का प्रतीक बन गया है, जहां आर्थिक तंगी पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को कमजोर कर रही है।

जो बात पाकिस्तान को शांति प्रिय देश दिखाने वाली थी, वो उल्टा उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर गई। एक सूत्र ने कहा, “जो देश कूटनीतिक जीत का दावा कर रहा हो, वो होटल का बिल भी नहीं चुका पाता- यह कितनी शर्म की बात है।"

इस्लामाबाद में फिर शुरू हो सकती है बातचीत

वहीं अमेरिका और ईरान की बातचीत करने वाली टीमें इस हफ्ते फिर से इस्लामाबाद आ सकती हैं। दोनों देश युद्ध खत्म करने के लिए फिर से बातचीत शुरू करना चाहते हैं। यह जानकारी मंगलवार को रॉयटर्स को सूत्रों ने दी।

पिछले वीकेंड को इस्लामाबाद में हुई उच्च-स्तरीय बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी लगा दी थी।

1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच यह सबसे ऊंचे स्तर की बातचीत थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। इससे दो हफ्ते के सीजफायर के टिके रहने पर भी सवाल उठ गए हैं। यह सीजफायर अभी एक हफ्ते और चलना बाकी है।

मंगलवार को बातचीत से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि दोनों देश इस हफ्ते के आखिर तक फिर से इस्लामाबाद में बैठक कर सकते हैं। वाशिंगटन और तेहरान को एक प्रस्ताव भेज दिया गया है कि दोनों अपनी टीमों को वापस भेज दें।

एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने कहा, “अभी कोई पक्की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन दोनों देशों की टीमें शुक्रवार से रविवार तक के दिनों को खाली रख रही हैं।”

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