जो बात पाकिस्तान के लिए कूटनीति की बड़ी जीत और शानदार प्रदर्शन बनने वाली थी, वो उल्टा पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदगी का सबब बन गई। 10 से 12 अप्रैल 2026 तक इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च-स्तरीय बातचीत को पाकिस्तान ने बड़े गर्व से होस्ट किया था। पाकिस्तान खुद को दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बताना चाहता था। लेकिन बातचीत खत्म होने के बाद एक अजीब विवाद सामने आ गया।
