अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में युद्ध खत्म करने को लेकर एक अहम और बड़ी बातचीत होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही कुछ ऐसा हुआ, जिसके चलते अब मौजूदा युद्धविराम पर भी खतरा मंडराता दिख रहा है। इस पूरे विवाद की जड़ है- लेबनान। अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के सीजफायर के बाद इजरायल ने लेबनान पर हमला किया, तो हिजबुल्ला ने भी पलटवार किया। इससे ईरान नाराज हो गया और कहा कि लेबनान पर हमला युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है।
इस बीच खबर ये भी आई कि सीजफायर से ठीक पहले ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति ने इजरायल से लेबनान पर हमले जारी रखने की बात कही। इस पूरे विवाद में एक अहम रोल पाकिस्तान का भी है, क्योंकि शहबाज शरीफ ने दुनियाभर में वाहवाही लूटने के लिए चक्कर में युद्धविराम को लेकर की गई पोस्ट में लेबनान की भी जिक्र किया, जिसे अब ईरान ने एक अहम मुद्दा बना लिया है।
मंगलवार को जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम की घोषणा की, तो उन्होंने साफ कहा था कि यह युद्धविराम “हर जगह लागू होगा, जिसमें लेबनान और अन्य जगहें भी शामिल हैं।”
थोड़ी देर बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान जारी करके कहा कि यह युद्धविराम लेबनान को शामिल नहीं करता। शुरुआत में लेबनान को लेकर अमेरिका ने अपना रुख साफ नहीं किया। यह अभी साफ नहीं है कि बातचीत के दौरान अमेरिका ने कभी यह माना भी था कि युद्धविराम लेबनान पर भी लागू होगा या नहीं।
हालांकि, उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने बुधवार को कहा कि इजरायल ने प्रस्ताव दिया है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, तब तक वह लेबनान में हमले करने से खुद को रोककर रखेगा।
ट्रंप ने दी थी लेबनान पर हमले जारी रखने की मंजूरी!
न्यूज एजेंसी Axios के मुताबिक, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि युद्धविराम की घोषणा से ठीक पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की थी और उसमें लेबनान का मुद्दा उठाया था।
अमेरिकी अधिकारी और एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू ने उस फोन कॉल में यह सहमति बनाई कि लेबनान में लड़ाई जारी रह सकती है।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि व्हाइट हाउस फिलहाल इस बात से चिंतित नहीं है कि लेबनान की स्थिति ईरान के साथ बने युद्धविराम को तोड़ देगी।
ईरान ने दी युद्धविराम से पीछे हटने की धमकी
इसी कड़ी में बुधवार को इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भारी हमलों को अंजाम दिया।
IDF ने कहा कि यह ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान में "सबसे बड़ी समन्वित हमलों की लहर" थी।
वहीं ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे, तो ईरान युद्धविराम के समझौते से पीछे हट जाएगा।
फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि इजरायल के बड़े हमलों के बाद बुधवार को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के टैंकरों को भी रोक दिया गया है।
लेबनान में ईरान के सहयोगी हिजबुल्लाह पर इजरायली हमले रोकना, ईरान की युद्धविराम के लिए सबसे महत्वपूर्ण मांगों में से एक थी।
अब ईरानी धमकी दे रहे हैं कि अगर लेबनान में लड़ाई जारी रही, तो वे दोबारा लड़ाई शुरू कर सकते हैं और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर सकते हैं।