US Iran Tension: ईरान की धमकी से घबरा गया अमेरिका, मिडिल ईस्ट से सैनिकों को वापस बुलाने का दिया आदेश!

Iran US Tension: कतर में अमेरिका के अल उदैद मिलिट्री बेस पर तैनात कुछ सैनिकों को बेस छोड़ने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई अमेरिकी कर्मियों को बुधवार शाम तक कतर में मिलिट्री बेस को छोड़ने के लिए कहा गया था। कतर में मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है

अपडेटेड Jan 14, 2026 पर 8:40 PM
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US Iran Tension: ईरान की धमकी से घबरा गया अमेरिका! मिडिल ईस्ट से सैनिकों को वापस बुलाने का दिया आदेश (FILE PHOTO)

ईरान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए, एहतियात के तौर पर अमेरिका अब उसके आस पास के इलाकों में अहम ठिकानों से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा है। न्यूज एजेंसी Reuters ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है, जब अमेरिका की धमकियों के जवाब में ईरान ने बुधवार को उन पड़ोसी देशों को चेतावनी दी थी, जिन्होंने अपने यहां बेस पर अमेरिकी सैनिकों को पनाह दी हुई है। तेहरान कहा कि अगर वाशिंगटन हमला करता है, तो वो इन अमेरिकी ठिकानों पर भी पलटवार करेगा।

AFP की एक रिपोर्ट के अनुसार, कतर में अमेरिका के अल उदैद मिलिट्री बेस पर तैनात कुछ सैनिकों को बेस छोड़ने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई अमेरिकी कर्मियों को बुधवार शाम तक कतर में मिलिट्री बेस को छोड़ने के लिए कहा गया था। कतर में मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा है।

अल उदैद एयर बेस पर उठाए गए कदम को अमेरिकी अधिकारियों ने एहतियाती उपाय बताया है। हालांकि, अधिकारी ने इस कदम के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी और न ही यह बताया कि सैनिकों को अपनी इच्छा से बेस छोड़ने के लिए कहा गया या ये आदेश सभी के लिए अनिवार्य है।


इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कतर ने कहा कि इस तरह के कदम "मौजूदा क्षेत्रीय तनावों के जवाब में उठाए जा रहे हैं।"

कतर के मीडिया कार्यालय ने X पर एक पोस्ट में कहा, "IMO इस बात की पुष्टि करता है कि कतर राज्य अपने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, अहम इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री फैसिलिटी की सुरक्षा से जुड़े टास्क सहित, सभी जरूरी उपायों को लागू करना जारी रखेगा।"

इससे पहले दिन में, ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी कर रहे अपने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन ने हमला किया, तो वो अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा।

ये सब तब शुरू हुआ, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपना प्रदर्शन जारी रखने के लिए और उकसाते हुए उनसे अपने देश के संस्थानों पर कब्जा करने के लिए कहा। ट्रंप की इस टिप्पणी से ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप की अटकलों को बल मिला है, क्योंकि देश हाल के इतिहास में सबसे भीषण अशांति का सामना कर रहा है।

अमेरिका के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के हवाले से बताया गया है कि विरोध प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या कम से कम 2,571 लोगों तक पहुंच गई है।

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