अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पर्शियन गल्फ में अमेरिकी जासूसी ड्रोन की गतिविधि देखी गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों देशों के बीच टकराव अब और करीब आ गया है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी नौसेना के कम से कम दो Northrop Grumman MQ-4C Triton ड्रोन पर्शियन गल्फ के ऊपर उड़ते देखे गए।
एक ड्रोन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के Al Dhafra Air Base से उड़ा था। खबरों के अनुसार, इसका रजिस्ट्रेशन नंबर ‘169660’ था और इसे OVRD01 कॉल साइन के तहत ऑपरेट किया गया।
इन ड्रोन का काम इलाके की निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाना बताया जा रहा है।
MQ-4C Triton ड्रोन की खासियत
MQ-4C Triton ड्रोन में 360 डिग्री एडवांस रडार सिस्टम होता है।
यह बड़े इलाके में टारगेट को पहचानने, ट्रैक करने और उनकी कैटेगरी तय करने में सक्षम है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ड्रोन किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले जमीन तैयार करने का काम करते हैं।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ड्रोन ने ईरान के तटीय अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र से दूरी बनाए रखी।
जिनेवा में बातचीत, लेकिन खाड़ी में सैन्य हलचल
एक ओर वॉशिंगटन और तेहरान जिनेवा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्शियन गल्फ में सैन्य गतिविधियां बढ़ती दिख रही हैं।
अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पहले से खाड़ी में मौजूद है। जल्द ही USS Gerald R. Ford के भी वहां पहुंचने की खबर है।
ईरान ने भी कुछ आक्रामक कदम उठाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Strait of Hormuz के कुछ हिस्सों को आंशिक रूप से बंद किया गया है।
यह जलडमरूमध्य दुनिया के लिए अहम तेल आपूर्ति मार्ग है।
क्या अमेरिका-इजरायल संयुक्त कार्रवाई संभव?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं।
Axios News के हवाले से एक ट्रंप सलाहकार ने कहा, “Trump is fed up”, यानी ट्रंप अब काफी नाराज हैं।
हालांकि, आधिकारिक तौर पर किसी बड़े हमले की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन रक्षा सूत्रों का मानना है कि अगर कोई कार्रवाई होती है तो उसका स्तर पिछले साल जून में हुए इजरायल के हमले से बड़ा हो सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन पर्शियन गल्फ में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।