अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका से समझौता करने को बेताब है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही ईरान ने उनके 15 पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके नेताओं को “जल्दी गंभीर होना चाहिए, वरना देर हो जाएगी।”
उन्होंने फिर से कहा कि ईरान को उनका प्रस्ताव मान लेना चाहिए, क्योंकि उनका दावा है कि ईरान सैन्य तौर पर पूरी तरह कमजोर हो चुका है और उसके पास वापसी का कोई मौका नहीं है।
ट्रंप ने ईरानी बातचीत करने वालों को “अजीब और अलग” बताया और कहा कि वे अमेरिका से डील करने के लिए “गिड़गिड़ा रहे हैं।”
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रंप ने लिखा कि ईरान के लोग सार्वजनिक तौर पर कह रहे हैं कि वे सिर्फ प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं, लेकिन असल में वे समझौता करने के लिए मजबूर हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो हालात और खराब हो सकते हैं और फिर वापसी का कोई रास्ता नहीं बचेगा।
14 मई से पहले युद्ध खत्म करना चाहते हैं ट्रंप!
डोनाल्ड ट्रंप इस युद्ध को 14 मई से पहले खत्म करना चाहते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उस दिन उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बीजिंग में मुलाकात होनी है, जो ईरान युद्ध की वजह से टल गई थी।
इस बीच खबर है कि अमेरिका के पास हथियारों की कमी होने लगी है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को अब कुछ हालात में “डंब बम” जैसे कम एडवांस हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। बताया गया है कि युद्ध के पहले 16 दिनों में अमेरिका और उसके सहयोगियों ने करीब 11,000 हथियार इस्तेमाल किए, जिन पर लगभग 26 अरब डॉलर खर्च हुए।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष (Indirect) बातचीत अभी भी जारी है, भले ही दोनों देश सार्वजनिक तौर पर अलग-अलग बातें कर रहे हों।
इसी बीच, इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी के प्रमुख कमोडोर अलीरेजा तंगसीरी को मार गिराया है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि तंगसीरी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकने वाले हमलों के लिए जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि यह हमला ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के लिए साफ संदेश है कि इजरायली सेना उन्हें कहीं भी निशाना बना सकती है।