अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बीच अब एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि अगर सीजफायर होता है, तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोल दे, जो दुनिया के लिए बहुत अहम तेल मार्ग है। बताया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर इस मुद्दे पर बात भी की।
ट्रंप ने साफ कहा है कि सीजफायर तभी होगा जब होर्मुज जलडमरूमध्य “खुला, सुरक्षित और बिना रुकावट” होगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह भी लिखा कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक अमेरिका ईरान पर कड़ा हमला जारी रखेगा। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इस दावे को “झूठा और बेबुनियाद” बताया है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उन्हें भरोसा हो जाए कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा, तो वह 2-3 हफ्तों में युद्ध से पीछे हट सकते हैं, भले ही सीजफायर न हो।
इस बीच चीन और पाकिस्तान ने एक प्रस्ताव दिया है, जिसमें सीजफायर और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात शामिल है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस मामले में मध्यस्था करने वालों से बात कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ट्रंप जल्द समझौता चाहते हैं, लेकिन अगर डील नहीं हुई तो ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव और बढ़ सकता है।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा है कि अमेरिका पर भरोसा “शून्य” है और उन्हें बातचीत से कोई खास उम्मीद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान धमकियों से नहीं डरेगा और जरूरत पड़ी तो लड़ाई जारी रखेगा।
28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के बीच हालात लगातार बदल रहे हैं। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने हजारों सैनिक भेजने शुरू कर दिए हैं, जिससे यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि आगे स्थिति और गंभीर हो सकती है।