US-Iran War: 'उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी', डेडलाइन से पहले ईरान ने ठुकराया प्रस्ताव तो भड़के ट्रंप

US-Iran War : सीजफायर को चल रही बातचीत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को एक मौका दिया है और उन्हें उम्मीद है कि वह इसका फायदा उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता, तो हालात मुश्किल हो सकते हैं। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 11:00 PM
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'उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेग', डेडलाइन से पहले ईरान ने ठुकराया सीजफायर प्रस्ताव तो भड़के ट्रंप

28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग को 37 दिन बीत चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए डेडलाइन दी है, जो आज खत्म हो रही है। इस बीच रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के प्रस्तावित युद्धविराम को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। वहीं इसपर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह ईरान से “बहुत नाराज” हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान किसी समझौते तक नहीं पहुंचता, तो उसे “बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।” इससे साफ है कि तय की गई समय सीमा नजदीक आने के साथ उनका रुख और सख्त होता जा रहा है।

ट्रंप ने जताई नाराजगी 

व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए मंगलवार की डेडलाइन है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इस समय सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है, तो उन्होंने साफ कहा कि इसकी संभावना बहुत कम है, क्योंकि ईरान को पहले ही काफी समय दिया जा चुका है। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान जरूरी कदम उठाता है, तो मामला जल्दी सुलझ सकता है। उन्होंने इशारा किया कि ईरान को कुछ खास शर्तें माननी होंगी, जिनके बारे में उसे पूरी जानकारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी वहां के लोग पहले के चरणों की तुलना में ज्यादा समझदार हैं।


ईरान ने ठुकराई मांग 

सीजफायर को चल रही बातचीत को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान को एक मौका दिया है और उन्हें उम्मीद है कि वह इसका फायदा उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता, तो हालात मुश्किल हो सकते हैं। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अपना जवाब भेजते हुए साफ किया कि वह अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर जोर दे रहा है।

ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव भी सामने रखा गया है। दरअसल, इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के रास्ते भेजा गया था। ईरान ने कहा कि वह सिर्फ अस्थायी सीजफायर नहीं करेगा, बल्कि युद्ध का स्थायी समाधान समाधान चाहता है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी है। ईरान ने अमेरिका के सामने 10 शर्तें रखी हैं। इसमें पूरे क्षेत्र में संघर्ष खत्म करने, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, प्रतिबंध हटाने और पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जैसी बातें शामिल हैं।

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