अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में अपने सैनिकों की हताहत की असली संख्या को छुपा रही है। कई रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया गया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने से अब तक, US आर्मी सही जानकारी देने से इनकार कर रही है। द इंटरसेप्ट नाम के मीडिया आउटलेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 28 फरवरी से अब तक करीब 750 अमेरिकी सैनिक मारे गए या घायल हो चुके हैं। लेकिन जब इस आंकड़े के बारे में पूछा गया, तो पेंटागन ने इसे मानने से मना कर दिया।
जबकी कुछ दूसरे सैन्य अधिकारियों ने बहुत पुराने और कम आंकड़े दिए। रिपोर्ट में नाम न बताने की शर्त पर रक्षा अधिकारी के हवाले से आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना “हताहतों को छुपाने” का खेल खेल रही है।
CENTCOM दे रहा पुराने आंकड़े!
मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना के ऑपरेशन की देखभाल करने वाले सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने द इंटरसेप्ट को बहुत कम और पुराने आंकड़े दिए। उन्होंने मारे गए और घायल सैनिकों की सही संख्या बताने से इनकार कर दिया, जबकि पहले की सरकारों के समय में वे यह जानकारी देते थे।
सैन्य प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने सोमवार को कहा कि युद्ध शुरू होने से अब तक “303 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं”। लेकिन यह आंकड़ा उस हमले को शामिल नहीं करता, जिसमें सिर्फ तीन दिन पहले सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला हुआ था और उसमें कम से कम 15 सैनिक घायल हुए थे।
इस रिपोर्ट में कहा गया कि CENTCOM ने द इंटरसेप्ट के बार-बार पूछने पर भी अपडेटेड आंकड़े देने से जवाब नहीं दिया।
अमेरिकी सैनिक बेस छोड़ कर होटलों में रह रहे!
सार्वजनिक रिपोर्टों में कहा गया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं, लेकिन CENTCOM ने मरने वालों की सही संख्या बताने से इनकार कर दिया।
खाड़ी देशों में बने अमेरिकी अड्डों पर ईरानी हमलों के जवाब में, कई अमेरिकी सैनिक अपने बेस छोड़कर होटलों और दूसरे आम इमारतों में आम नागरिकों के बीच छिप गए हैं।
अमेरिका और इजरायल दोनों ही हमास पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह गाजा के आम लोगों को “मानव ढाल” की तरह इस्तेमाल करता है और नागरिक इलाकों में छिपकर रहता है।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, “अमेरिकी सैनिक अपने सैन्य बेस छोड़कर होटलों और दफ्तरों में छिप गए… वे आम नागरिकों को मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।”
ईरान के हमलों में अमेरिके बेस को भारी नुकसान पहुंचा है। बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, सीरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में हमले की पुष्टि हुई है। CENTCOM इनमें से कितने बेस पर हमला हुआ, यह तक बताने से मना कर रहा है।