Israel-Iran War: 'हमले में मारे गए ईरान के 48 नेता...बातचीत करना चाहता है तेहरान', ट्रंप का बड़ा दावा

Israel-Iran War : अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ गया है। माना जा रहा है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह ईरान के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरों में से एक है

अपडेटेड Mar 01, 2026 पर 10:46 PM
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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है।

ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग अब काफी भीषण हो गया है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर किए गए ताबड़तोड़ हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। वहीं अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए जा रहे संयुक्त हमलों में अब तक 48 ईरानी नेताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने इस सैन्य अभियान को बेहद सफल बताते हुए कहा कि ऑपरेशन उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है।

ट्रंप का बड़ा दावा 

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “किसी को विश्वास नहीं होगा कि हमें कितनी बड़ी सफलता मिल रही है। एक ही कार्रवाई में 48 नेता मारे गए हैं और ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है।” वहीं CNBC को दिए एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई तय समय से पहले शुरू हो गई थी और फिलहाल यह अभियान बहुत प्रभावी तरीके से आगे बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की नई नेतृत्व टीम ने वॉशिंगटन से बातचीत करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं।


बातचीत को तैयार अमेरिका 

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, द अटलांटिक को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरान के नए नेता बातचीत करना चाहते हैं और मैंने भी बात करने के लिए सहमति दे दी है।” ट्रंप ने आगे कहा कि ईरानी सरकार को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। उनके अनुसार, समझौता पहले भी हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक तरफ लोग सड़कों पर खुशी जाहिर कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इलाके में लगातार बमबारी भी जारी है।

अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ गया है। माना जा रहा है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद यह ईरान के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरों में से एक है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट के उन इलाकों में जवाबी हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सेना और उसके सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई का उद्देश्य “इतिहास के सबसे हिंसक शासन में से एक” का सामना करना था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका यह कदम सिर्फ अपने हितों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठा रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रंप फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो निवास से इस पूरे सैन्य अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।

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