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US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट बंद होते ही थमी तेल टैंकरों की रफ्तार, भारत की फ्यूल सप्लाई पर भी पड़ेगा असर

एनालिटिक्स कंपनी केप्लर के मुताबिक, 1 मार्च को इस रास्ते से भारत की ओर जाने वाला कोई भी तेल टैंकर नहीं देखा गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश का करीब 50 प्रतिशत मासिक कच्चा तेल और लगभग पूरी एलपीजी सप्लाई इसी अहम समुद्री मार्ग से होकर आती है। ऐसे में अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Mar 02, 2026 पर 4:37 PM
US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट बंद होते ही थमी तेल टैंकरों की रफ्तार, भारत की फ्यूल सप्लाई पर भी पड़ेगा असर
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग का असर अब पूरी दुनिया होता दिख रहा है।

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग का असर अब पूरी दुनिया होता दिख रहा है। सुप्रीम लीडर सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत केबाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अब ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी तेल एक्सपोर्ट रूट होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही फिलहाल रुक गई है। यदि होर्मुज स्ट्रेट जल्द नहीं खुलता है तो भारत सहित पूरी दुनिया पर तेल सकंट गहरा सकता है। यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है।

ईरान ने 'होर्मुज स्ट्रेट' किया बंद

एनालिटिक्स कंपनी केप्लर के मुताबिक, 1 मार्च को इस रास्ते से भारत की ओर जाने वाला कोई भी तेल टैंकर नहीं देखा गया। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश का करीब 50 प्रतिशत मासिक कच्चा तेल और लगभग पूरी एलपीजी सप्लाई इसी अहम समुद्री मार्ग से होकर आती है। ऐसे में अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

नहीं गुजरा कोई भी तेल टैंकर

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