धरती से दागी, स्पेस तक गई, फिर मौत बनकर गिरी! इजरायल की ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल, जिसने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को मारा!

US Iran War: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में इजरायल ने “ब्लू स्पैरो” नाम की एक बेहद घातक मिसाइल का इस्तेमाल किया। इसे अक्सर “स्पेस से आने वाली मिसाइल” (Missile From Space) कहा जाता है, क्योंकि यह टारगेट पर गिरने से पहले अंतरिक्ष के किनारे तक जाकर फिर तेज रफ्तार से वापस नीचे आती है

अपडेटेड Mar 06, 2026 पर 3:04 PM
Story continues below Advertisement
US Iran War: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हमले में मौत, ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल को लेकर चर्चा तेज

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को एक बड़े सैन्य हमले में मौत हो गई। यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान किया गया बताया जा रहा है। इस हमले में ईरान के कई बड़े सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में इजरायल ने “ब्लू स्पैरो” नाम की एक बेहद घातक मिसाइल का इस्तेमाल किया। इसे अक्सर “स्पेस से आने वाली मिसाइल” (Missile From Space) कहा जाता है, क्योंकि यह टारगेट पर गिरने से पहले अंतरिक्ष के किनारे तक जाकर फिर तेज रफ्तार से वापस नीचे आती है।

बताया जा रहा है कि यह मिसाइल उस कंपाउंड पर गिराई गई, जहां ईरान के शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी बैठक कर रहे थे।


क्या है ब्लू स्पैरो मिसाइल?

Blue Sparrow missile इजरायल की अपनी विकसित एक एडवांस एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल है।

रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी रेंज करीब 2000 किलोमीटर (लगभग 1240 मील) तक बताई जाती है। यह मिसाइल पहले पृथ्वी के वायुमंडल की ऊपरी सीमा तक जाती है और फिर बेहद तेज स्पीड से नीचे गिरकर अपने टारगेट पर हमला करती है।

तकनीकी जानकारी के अनुसार-

  • इसकी लंबाई लगभग 6.5 मीटर है
  • वजन करीब 1.9 टन है
  • इसे आमतौर पर फाइटर जेट से लॉन्च किया जाता है
  • मिसाइल अपने रास्ते में बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी अपनाती है और आखिर में एक री-एंट्री व्हीकल छोड़ती है, जो बहुत तेज स्पीड से लक्ष्य पर गिरता है।

स्पैरो मिसाइल सिस्टम की शुरुआत

ब्लू स्पैरो दरअसल एक बड़े मिसाइल परिवार का हिस्सा है, जिसमें Black Sparrow missile और Silver Sparrow missile जैसी मिसाइलें भी शामिल हैं।

शुरुआत में इन्हें सोवियत स्कड मिसाइलों की नकल करने वाले टारगेट सिस्टम के रूप में बनाया गया था, ताकि इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम का परीक्षण किया जा सके।

इनका इस्तेमाल खास तौर पर इजरायल के एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम की टेस्टिंग में किया जाता था, जो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने के लिए बनाया गया है।

समय के साथ यह सिस्टम विकसित होकर हाई-स्पीड प्रिसीजन स्ट्राइक हथियार बन गया।

तेहरान में कैसे हुआ हमला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक हमला बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया। बताया गया है कि इजरायल के F‑15 Eagle फाइटर जेट समेत कई विमान सुबह करीब 7:30 बजे (ईरान समय) ऑपरेशन के लिए तैनात किए गए।

करीब दो घंटे बाद इन विमानों से लगभग 30 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें ब्लू स्पैरो मिसाइलें भी शामिल थीं।

मिसाइलें अंतरिक्ष के किनारे तक जाकर फिर तेजी से नीचे आईं और तेहरान में उस सरकारी परिसर पर गिरीं जहां शीर्ष नेता मौजूद थे। हमले में अली खामेनेई सहित 40 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारी मारे जाने की खबर है।

CIA और मोसाद की भूमिका

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑपरेशन में सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) की खुफिया जानकारी का बड़ा रोल था।

बताया गया कि CIA कई महीनों से खामेनेई की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। एजेंसी को जानकारी मिली कि तेहरान के एक सरकारी परिसर में शीर्ष अधिकारियों की बैठक होने वाली है, जिसमें खामेनेई भी मौजूद रहेंगे।

यह जानकारी इजरायल के साथ साझा की गई, जिसके बाद हमले की टाइमिंग बदली गई और उसी दौरान ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।

ऑपरेशन से पहले किया गया धोखे का खेल

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने हमले से पहले भ्रम फैलाने की रणनीति अपनाई। बताया गया कि इजरायल डिफेंस फोर्स ने ऐसा माहौल बनाया कि सेना वीकेंड के लिए ऑपरेशन रोक रही है और अधिकारी घर जा रहे हैं।

लेकिन वास्तव में वे गुप्त रूप से हेडक्वार्टर लौटकर हमले की तैयारी कर रहे थे।

इसी दौरान इजरायल की खुफिया एजेंसी Mossad ने तेहरान में खामेनेई के कंपाउंड के आसपास सुरक्षा कर्मियों की गतिविधियों और बॉडीगार्ड्स की दिनचर्या पर नजर रखी।

बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान आसपास के कई मोबाइल टावर भी बंद कर दिए गए, ताकि सुरक्षा टीमों को चेतावनी न मिल सके।

यह हमला पश्चिम एशिया की राजनीति और सुरक्षा स्थिति पर गहरा असर डालने वाला माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ईरान के सबसे शक्तिशाली नेता की मौत हुई है और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

US Iran War: 'अमेरिकी सैनिकों को निकालो, नहीं तो मिसाइल हमले जारी रहेंगे' खाड़ी देशों को ईरान की खुली चेतावनी

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।