यूएस-इजरायल ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले शुरू किए, ईरान ने कहा-1.4 करोड़ देशवासी बलिदान के लिए तैयार

इजरायल की सेना आईडीएफ ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि कुछ समय पहले आईडीएफ ने व्यापक स्तर के हमलों को अंजाम दिया। इसमें ईरान की आतंकी सरकार से जुड़े दर्जनों इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों को निशाना बनाया गया

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 6:46 PM
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से तय की गई डेडलाइन खत्म होने से पहले ही इजरायल और अमेरिका ने ईरान में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

मध्यपूर्व में लड़ाई भीषण रूप लेती दिख रही है। अमेरिका और इजरायल ने 7 अप्रैल को ईरान पर हमले तेज कर दिए। दोनों ने मिलकर ईरान में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर ठिकानों पर कई हमले किए। इजरायल की सेना ने इसके बारे में बताया है। उसने कहा है कि नए हमलों में ईरान में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है। उधर, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कई सालों तक ऑयल और गैस की सप्लाई रोक देगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि देश की रक्षा की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ देशवासी बलिदान को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इनमें वह भी शामिल हैं।

ईरान में दर्जनों इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों पर हमले

इजरायल की सेना आईडीएफ ने एक बयान जारी किया। इसमें कहा गया है, "कुछ समय पहले आईडीएफ ने व्यापक स्तर के हमलों को अंजाम दिया। इसमें ईरान की आतंकी सरकार से जुड़े दर्जनों इंफ्रास्ट्रक्चर के ठिकानों को निशाना बनाया गया।" बताया जाता है कि इन हमलों में ईरान के शहर QoM में एक रेल पुल को ध्वस्त कर दिया गया। इसमें दो लोगों को मौत हो गई।


ईरान की मीडिया ने खर्ग द्वीप पर बड़े धमाके की पुष्टि की

ईरान की मीडिया ने भी खर्ग द्वीप पर एक बड़े धमाके की खबर दी है। इस द्वीप में ईरान का सबसे बड़ा ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर है। यहां से ईरान कई देशों को ऑयल एक्सपोर्ट करता है। खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से तय की गई डेडलाइन खत्म होने से पहले ही इजरायल और अमेरिका ने ईरान में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

ईरान की सेना ने अमेरिका-इजरायल को दी बड़ी धमकी

अमेरिका और इजरायल के नए हमलों के जवाब में ईरान की सेना (IRGC) ने बड़ी धमकी दी है। उसने कहा है कि अगर लड़ाई जारी रहती है तो तेहरान अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कई सालों तक गैस और तेल की सप्लाई से वंचित कर देगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका सीमा पार करता है तो तेहरान खाड़ी से बाहर के इलाकों को भी निशाना बनाएगा। साथ ही ईरान ने संकेत दिया कि इस मामले में कूटनीति शर्तों पर निर्भर करेगी।

ईरान ने अमेरिका से बातचीत की शर्तें स्पष्ट की

ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रायटर्स को बताया कि अमेरिका से कोई बातचीत तभी शुरू होगी, जब हमले तुरंत रोक दिए जाएंगे, भविष्य में हमले नहीं करने की गारंटी मिलेगी और हमलों से हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। दोनों पक्षों के रुख को देखने से ऐसा लगता है कि आगे यह लड़ाई और खतरनाक रूप अख्तियार कर सकती है। दोनों पक्षों के बीच समझौते की अब तक हुई कोशिशें नाकाम दिख रही हैं।

ईरान का दावा-1.4 करोड़ ईरानी कुर्बानी के लिए तैयार

इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है देश की रक्षा के लिए 1.4 करोड़ ईरानी जान देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि इतने लोग जान की कुर्बानी के लिए आगे आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद भी इन लोगों में शामिल हैं। इससे ईरान के लोगों के फौलादी इरादों का पता चलता है। सवा महीने से जारी इस लड़ाई के बावजूद ईरान के लोगों का हौसला बुलंद है। वे अमेरिका और इजरायल के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं।

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