Trump: ईरान के साथ जारी सात हफ्तों के भीषण संघर्ष ने अमेरिकी सेना के हथियारों के भंडार पर गहरा असर डाला है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपनी प्रमुख मिसाइलों का एक बड़ा हिस्सा इस जंग में झोंक दिया है, जिससे भविष्य में होने वाले अन्य संभावित युद्धों के लिए उसकी तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी बीच ट्रंप ने ईरान के साथ 22 अप्रैल को खत्म हो रहे सीजफायर को आगे बढ़ा दिया है।
पेंटागन की सीक्रेट रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
हथियारों के विशेषज्ञों और पेंटागन के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि अमेरिका ने पिछले कुछ हफ्तों में अपने आधुनिक हथियारों का खतरनाक स्तर तक इस्तेमाल किया है। पिछले 7 हफ्तों में अमेरिका ने अपनी कम से कम 45% सटीक मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर लिया है। वहीं हवाई हमलों को रोकने वाले THAAD सिस्टम के आधे इंटरसेप्टर और Patriot मिसाइल सिस्टम की लगभग 50% मिसाइलें खर्च हो चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि अगर इसी समय चीन के साथ कोई विवाद शुरू होता है, तो अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद की कमी पड़ सकती है।
पेंटागन ने इस कमी को देखते हुए मिसाइल बनाने वाली कंपनियों के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं, लेकिन समस्या समय की है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने के बावजूद, मिसाइलों के भंडार को फिर से पहले जैसा भरने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है। सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुसार, अमेरिकी सेना को अपनी पुरानी सैन्य क्षमता हासिल करने में कई साल लगेंगे।
हथियारों की कमी और कूटनीतिक दबाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। ट्रंप ने Truth Social पर जानकारी दी है कि ईरान के साथ जारी सीजफायर को फिलहाल आगे बढ़ाया जा रहा है। यह सीजफायर तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान अपना शांति प्रस्ताव पेश नहीं करता और बातचीत किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच जाती।
'होर्मुज की नाकेबंदी' रहेगी जारी
भले ही ट्रंप ने सीजफायर बढ़ा दिया है, लेकिन उन्होंने अपनी सबसे कड़ी शर्त से पीछे हटने से इनकार कर दिया। ईरान की सबसे बड़ी मांग 'होर्मुज की खाड़ी' से अमेरिकी घेराबंदी हटाने की थी, लेकिन ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वे पूरी तरह मुस्तैद रहें और ईरान का प्रस्ताव आने तक अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखें।
ईरानी नेतृत्व में फूट बन रही शांति वार्ता में बाधा
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का नेतृत्व इस समय 'बुरी तरह बिखरा हुआ' है, जिसकी वजह से वे कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे आग्रह किया था कि ईरान को एक संयुक्त रुख तय करने के लिए थोड़ा और समय दिया जाए। इसी अपील के बाद ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने का फैसला लिया।