अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 15 प्वाइंट वाला सीजफायर प्रस्ताव अब ईरान तक पहुंच गया है। The Associated Press की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के जरिए यह प्रस्ताव तेहरान को भेजा गया। यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब एक तरफ बातचीत की कोशिश चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका मिडिल ईस्ट में और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है।
The New York Times के अनुसार, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया। पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की पेशकश भी की है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा रहे हैं और अमेरिका-ईरान के बीच एक कड़ी बने हुए हैं।
ट्रंप के 15 पॉइंट प्लान में क्या है?
हालांकि, पूरा प्लान सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें ये मुख्य बातें शामिल हैं:
अमेरिका बदले में क्या दे रहा है?
अगर ईरान इन शर्तों को मानता है, तो अमेरिका की तरफ से ये ऑफर दिए गए हैं:
ईरान ने अभी इस प्रस्ताव को लेकर सख्त रुख दिखाया है। वहां के सैन्य अधिकारियों ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है कि ईरान शांति चाहता है। लेकिन कई रिपोर्टों से पता चलता है कि उसने युद्ध खत्म करने के लिए पांच प्रमुख शर्तें रखी हैं:
US Iran War में पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका
इस पूरे संकट में पाकिस्तान की भूमिका अब काफी अहम बनती जा रही है।
इस्लामाबाद ने अमेरिका और ईरान के बीच सीधे या अप्रत्यक्ष बातचीत कराने की पेशकश की है। साथ ही, पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व पर्दे के पीछे रहकर कूटनीतिक (डिप्लोमैटिक) कोशिशों में जुटा हुआ है।
इस वजह से पाकिस्तान एक ऐसे नाजुक लेकिन असरदार मोड़ पर खड़ा है, जहां वह अमेरिका (वॉशिंगटन) और ईरान (तेहरान) के बीच तनाव कम कराने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
दोनों देश फिलहाल बातचीत के जरिए कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने की संभावना तलाश रहे हैं, और इसमें पाकिस्तान एक अहम कड़ी बनकर उभर रहा है।
कुल मिलाकर, एक तरफ बातचीत की कोशिश जारी है, लेकिन दूसरी तरफ तनाव और सैन्य तैयारी भी बढ़ रही है, जिससे हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।