अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने वेनेजुएला के कच्चे तेल के मामले में कुछ सीमाओं के साथ प्रतिबंधों को ढील दी है। इससे अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला की सरकारी तेल और गैस कंपनी के साथ व्यापार करने की इजाजत मिल जाएगी। ट्रंप प्रशासन, ईरान युद्ध के दौरान वैश्विक तेल आपूर्ति को बढ़ाने के तरीके तलाश रहा है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक ऑथराइजेशन जारी किया है। इसके तहत 'पेट्रोलियोस डी वेनेज़ुएला SA' (PDVSA) को वेनेज़ुएला का तेल सीधे अमेरिकी कंपनियों को और वैश्विक बाजारों में बेचने की छूट दी गई है।
यह एक बहुत बड़ा बदलाव है, क्योंकि अमेरिका ने पिछले कई सालों से वेनेजुएला की सरकार और उसके तेल क्षेत्र के साथ होने वाले लेन-देन को काफी हद तक रोक रखा था। यह कदम इस बात को उजागर करता है कि अमेरिकी प्रशासन पर तेल की बढ़ती कीमतों को कम करने का दबाव कितना बढ़ गया है। अमेरिका, इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ एक ऐसा युद्ध लड़ रहा है, जिसके खत्म होने की कोई निश्चित तारीख अभी नजर नहीं आ रही है।
इस जंग के जोर पकड़ने के बाद से वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, क्योंकि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) नामक संकरे जलमार्ग से होने वाले यातायात को रोक दिया है। आमतौर पर पूरी दुनिया को सप्लाई होने वाले कच्चे तेल का 5वां हिस्सा इसी जलमार्ग से होते हुए दुनिया भर के ग्राहकों तक पहुंचता है।
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व
इस साल जनवरी में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया और उन्हें अमेरिका लाया गया। मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में आपराधिक आरोप तय किए गए हैं। उन पर नार्को-आतंकवाद और ड्रग तस्करी जैसे आरोप हैं।वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिजर्व है। मादुरो को हटाने के बाद US ने वेनेजुएला के तेल तक पहुंच के लिए बातचीत की और प्राइवेट कंपनियों को वेनेजुएला के तेल के प्रोडक्शन और बिक्री को कंट्रोल करने की मंजूरी दी। इस साल फरवरी में कांग्रेस में अपने सालाना स्टेट ऑफ द यूनियन (SOTU) भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यूनाइटेड स्टेट्स को वेनेज़ुएला से 8 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल मिला है।