Iran Kharg Island: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर इस्लामाबाद में बैठक की खबर है वहीं दूसरी ओर ये भी बात चल रही है कि, पेंटागन, ईरान में बड़े जमीनी सैन्य ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, ईरान के खर्ग द्वीप पर जमीनी ऑपरेशन की तैयारी में है। अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर अंतिम मुहर लगाते हैं, तो यह ऑपरेशन कई हफ्तों तक चल सकता है।
क्या है पेंटागन का 'प्लान-बी'?
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि इस मिशन के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। इस ऑपरेशन में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज और पारंपरिक पैदल सेना के शामिल होने की संभावना है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, 'पेंटागन का काम राष्ट्रपति को अधिकतम विकल्प देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति ने जमीनी हमले का फैसला ले लिया है।'
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सैनिकों के लिए यह मिशन बेहद खतरनाक हो सकता है, इसलिए शनिवार रात तक ट्रंप ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया था।
'खर्ग द्वीप' क्यों है निशाने पर?
विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि अगर जमीनी हमला हुआ, तो उसका केंद्र ईरान का 'खर्ग द्वीप' होगा। यह ईरान की आर्थिक लाइफलाइन है। यही पर ईरान का सबसे बड़ा तेल प्रसंस्करण केंद्र है। ईरान के कुल तेल निर्यात का 90% हिस्सा इसी द्वीप से होकर गुजरता है। 'द यरूशलेम पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी इसे जब्त करने को एकमात्र विकल्प मान रहे हैं ताकि ईरान की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। इससे पहले 13 मार्च को अमेरिका ने यहां के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, लेकिन तब ट्रंप ने 'तेल इंफ्रास्ट्रक्चर' को नुकसान न पहुंचाने का फैसला लिया था।
बढ़ती सैन्य तैनाती से भारी हलचल
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और अमेरिकी सेना की मौजूदगी बढ़ती जा रही है। ट्रंप प्रशासन पहले ही अमेरिकी मरीन्स को मिडिल ईस्ट भेज चुका है। रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिका अपनी प्रसिद्ध 82nd एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को क्षेत्र में भेजने की योजना बना रहा है। ये सैनिक हवाई हमलों के साथ-साथ जमीनी मोर्चे पर भी माहिर माने जाते हैं।
अगर अमेरिका खर्ग द्वीप पर जमीनी कार्रवाई करता है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि किसी भी जमीनी हमले का जवाब 'जहन्नुम' जैसा होगा, जिससे पूरा मिडिल ईस्ट इसकी चपेट में आ सकता है।